याचिका दाखिल करते हुए अंकुश शर्मा व अन्य ने बताया कि वे पंजाब पुलिस में कांस्टेबल के तौर पर कार्यरत हैं और हेड कांस्टेबल पद के लिए सितंबर 2023 में आयोजित हुई बीपीटी में हिस्सा लिया था। कुल 7226 लोगों ने इसके लिए आवेदन किया था और 6554 ने परीक्षा दी थी।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल पदोन्नति को हरी झंडी दे दी है। कोर्ट ने इसके लिए आयोजित बेसिक प्रोफिशिएंसी टेस्ट (बीपीटी) की उत्तर कुंजी को चुनौती देने वालीं सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए अंकुश शर्मा व अन्य ने बताया कि वे पंजाब पुलिस में कांस्टेबल के तौर पर कार्यरत हैं और हेड कांस्टेबल पद के लिए सितंबर 2023 में आयोजित हुई बीपीटी में हिस्सा लिया था। कुल 7226 लोगों ने इसके लिए आवेदन किया था और 6554 ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के दिन ही उत्तर कुंजी जारी की गई और इस पर आपत्ति मांगी गई। 523 लोगों ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई और याचिकाकर्ताओं की आपत्ति को दरकिनार करते हुए चयन सूची जारी कर दी गई।
इसके खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। सिंगल बेंच ने याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिसके चलते खंडपीठ में याचिका दाखिल की गई थी। खंडपीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाते हुए कहा कि 4 प्रश्नों को लेकर आपत्ति पर विचार करते हुए सभी आवेदकों को इसके अंक दिए गए। इसके बाद दोबारा आपत्ति मांगी गई और 25 सितंबर को सभी को भौतिक रूप से सुना गया। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि किसी को सुनवाई का मौका नहीं दिया गया। इसके साथ ही इस मामले में कोई धांधली का आरोप नहीं है और ऐसे में याचिकाकर्ताओं की अपील स्वीकार नहीं की जा सकती। ऐसे में पदोन्नति प्रक्रिया को हरी झंडी देते हुए हाईकोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।