-सचिवालय के कर्मचारी ने की है नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन को रद्द करने की मांग
-विधानसभा कर्मी के पास आवश्यक योग्यता पूरी होने के बावजूद सीधी भर्ती को बताया नियमों के खिलाफ
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (पीआरओ) पद की नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही अगली सुनवाई तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने पर भी रोक लगा दी है।
याचिका दाखिल करते हुए वीरेंद्र कुमार ने बताया कि वह हरियाणा विधानसभा में काम करता है और प्रेस नोट इत्यादि तैयार करता है। विधानसभा कर्मचारियों के लिए तय नियमों के अनुसार यदि किसी पद के लिए तय योग्यता कोई विधानसभा का कर्मचारी रखता है तो उस पद के लिए सीधी भर्ती नहीं की जा सकती। पीआरओ पद के लिए ग्रेजुएशन व 7 वर्ष का अनुभव योग्यता की शर्त है। वह यह दोनों योग्यता रखता है बावजूद इसके उसका दावा खारिज कर दिया गया। याची ने कहा कि दावा खारिज करने के आदेश में एक ओर याची को योग्य बताया गया और दूसरी ओर यह कह दिया गया कि उसने कोई दस्तावेज पेश नहीं किए। याची ने बताया कि इस पद को 2018 में भी विज्ञापित किया गया था और तब भी याची ने इसे चुनौती दी थी। तब सरकार ने इस विज्ञापन को वापस ले लिया था। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि सरकार को याची को नियुक्त करने का आदेश दिया जाए।