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कानून व्यवस्था नहीं संभाल सकते तो इस्तीफा दें सीएम : अनुराग ढांडा

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आप के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने प्रदेश में बढ़ते अपराध को लेकर भाजपा की सैनी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी भाजपा सरकार से मांग करती है कि यदि वह प्रदेश में कानून व्यवस्था को नहीं संभाल सकते तो सीएम नायब सिंह को कुर्सी पर बैठे रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें तुरंत इस्तीफा देकर प्रदेश में जल्दी चुनाव करवाना चाहिए, ताकि प्रदेश में ऐसी सरकार बन सके जो कानून व्यवस्था को सुचारू तरीके से चला सके और लोगों को सुरक्षित माहौल दे सके।
ढांडा ने कहा कि आज प्रदेश में कानून और सरकार का नहीं, बल्कि जंगलराज चल रहा है। खुले आम फिरौती मांगी जा रही हैं। पिछले कई दिनों में ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जैसे कोई फिल्म की शूटिंग चल रही हो। प्रदेश में ऐसी घटनाएं हुईं, जिनमें फायरिंग करके व्यापारियों में भय पैदा करने की कोशिश की जा रही है और उसके बाद उनसे रंगदारी व फिरौती मांगी जाती है।
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कानून व्यवस्था बिगड़ने की बड़ी वजह पुलिसकर्मियों की कमी
प्रदेश में कानून व्यवस्था की बुरी हालत की सबसे बड़ी वजह पुलिसकर्मियों की कमी नजर आती है। प्रदेश में पुलिस के 70 हजार स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 20 हजार पद खाली पड़े हैं। जिनमें सिर्फ कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल के पद नहीं हैं, बल्कि जांच अधिकारी की भी भारी कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी पर इतना दबाव है कि वह अपनी प्रमोशन भी नहीं चाहते हैं। करनाल में 1072 पदों में से 592 पद खाली हैं। सहायक सब इंस्पेक्टर के 178 में से 68 पद खाली हैं, एसआई के 92 पदों में से 63 पद खाली हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीएम सिटी की ये हालत है तो बाकी प्रदेश के क्या हालात होंगे। उन्होंने कहा कि सीएम न तो कानून व्यवस्था संभाल पा रहे हैं और न ही राजनीतिक रूप से अपनी सरकार को स्थिर रख पा रहे हैं। अनिल विज तो गृह मंत्री के पद से हटकर घर पर खाली बैठे हैं और नायब सिंह उनके तजुर्बे का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहते। कहीं न कहीं सीएम नायब सिंह के मन में डर है कि अनिल विज का जो अनुभव है यदि गृह मंत्रालय जैसा विभाग उनके हाथ में दे दिया तो कहीं वो पूरी सरकार ही उनके पैरों तले से न खींच लें। इस वक्त भाजपा हार के डर से घबराई हुई है।
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