पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले के मुख्य गवाह पर हमले के मामले में आसाराम के बेटे नारायण साईं के खिलाफ पानीपत जिला अदालत की ओर से जारी प्रोडक्शन वारंट के अमल पर फिलहाल रोक लगा दी है।
हरियाणा पुलिस नारायण साईं को गवाह महेंद्र चावला पर हुए हमले के मामले में पूछताछ के लिए पानीपत लाना चाहती थी। पानीपत जिला अदालत ने हरियाणा पुलिस को बीती 15 जनवरी को नारायण साईं को 10 फरवरी के लिए प्रोडक्शन वारंट दिए जाने का आग्रह स्वीकार कर लिया था।
हाईकोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगाते हुए सोमवार को हरियाणा सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 15 फरवरी को होगी।
प्रोडक्शन वारंट पर रोक की मांग करते हुए नारायण साईं की वकील तनु बेदी ने हाईकोर्ट में दायर अरजी में कहा गया कि वह सूरत जेल में बंद है।
उसे पूछताछ के लिए पानीपत ले जाने का कोई औचित्य नहीं बनता है। अरजी में यह भी कहा गया है कि अगर हरियाणा पुलिस पूछताछ करना चाहती है कि तो इसके लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग सबसे सही माध्यम होगा, लेकिन इसमें भी कोई आपत्ति हो तो हरियाणा पुलिस सूरत जेल में आकर पूछताछ कर सकती है।
हाईकोर्ट ने अरजी की दलीलों पर विचार करते हुए हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा। इसी दौरान नारायण साईं की वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि निचली अदालत की ओर से जारी प्रोडक्शन वारंट के हिसाब से 10 फरवरी को नारायण साईं को पानीपत में पेश किया जाना है, जिस पर फिलहाल रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने इस पर निचली अदालत के फैसले पर अगले आदेश तक अमल किए जाने पर रोक लगा दी।