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उत्तर भारत में पाक से हेरोइन, ओडिशा से गांजे की बढ़ी तस्करी, निशाने पर देश का भविष्य

Thu, 27 Jun 2019 02:35 AM IST
ajay kumar मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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उत्तरी राज्यों में पाक से हेरोइन और ओडिशा से गांजे की तस्करी लगातार बढ़ रही है। नशा तस्कर नशे की इस खेप को एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचाने के लिए नए से नए तरीके और नेटवर्क ढूंढ रहे हैं। लिहाजा इस विषय पर काम रही राज्यों की पुलिस और तमाम जांच एजेंसियों को इस तरह की सूचनाएं जल्द और ज्यादा शेयर करनी होगी। 

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इतना ही नहीं उत्तरी भारत में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली में नशा तस्करों व नशा कारोबारियों का नेटवर्क और ज्यादा मजबूत हो रहा है। इन नशा तस्करों ने अब युवाओं के साथ-साथ स्कूली छात्रों और किशोरों पर अपना फोकस भी बढ़ा दिया है।

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के इस इनपुट के बाद उत्तरी राज्यों की पुलिस पूरी तरह से अलर्ट हो गई है और अब इन तस्करों के खिलाफ और ठोस रणनीति व समन्वय के साथ काम किया जाएगा। इस इनपुट पर बुधवार को चंडीगढ़ में छह राज्यों और एक यूटी पुलिस के आला अफसरों की समन्वय बैठक में भी चर्चा की गई। बैठक में उन चैनलों पर भी चर्चा हुई, जिसके जरिए पाकिस्तान से लगातार भारी मात्रा में हेरोइन देश में भेजी जा रही है।

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सांकेतिक तस्वीर
इस तस्करी को लेकर पंजाब, जेएंडके और राजस्थान के बार्डर एरिया सबसे ज्यादा संवेदनशील क्षेत्र हैं। इन इलाकों में कई स्थानीय लोगों का लिंक पाक में बैठे नशा तस्करों से हैं, जो व्हॉटसएप कॉल एवं व्हॉटसएप मैसेज के जरिए स्मगलिंग की डील कर हेरोइन को पाक बार्डर से भारत मंगवाते हैं।

बीएसएफ की स्पेशल विंग भी इसी विषय पर काम कर रही है। बॉर्डर पार होने के बाद यह नशा थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पंजाब और हरियाणा के जरिए दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, एमपी समेत अन्य राज्यों में पहुंचता है।

बिहार के गैंग ठेका लेकर उत्तरी राज्यों में भेज रहे गांजा
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की मानें तो ओडिशा गांजे की तस्करी का बड़ा हब बन चुका है। वहीं से बड़ी मात्रा में गांजा बिहार भेजा जाता है और वहां इसकी सप्लाई उत्तरी राज्यों में की जाती है।

उत्तरी राज्यों में इस नशे की खपत भी काफी अधिक बढ़ती जा रही है, इसलिए नशे से जुड़े कारोबारी बड़े जोखिम के बावजूद इस धंधे से जुड़े हुए हैं। बिहार में ही कई गैंग हैं, जो गांजा सप्लाई के धंधों में संलिप्त है और विभिन्न राज्यों में गांजा सप्लाई का ठेका लेकर काम कर रहे हैं। केंद्रीय एजेंसियां लगातार इस नेटवर्क को तोड़ने में जुटी हुई है।

हरियाणा बना नशा तस्करी का सेफ जोन
हरियाणा एक ऐसा राज्य है, जिसकी सीमाएं उत्तरी भारत के कई राज्यों जैसे पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली व उत्तर प्रदेश से सटी हुई है। इसलिए पाकिस्तान से आने वाले नशे को अन्य राज्यों तक पहुंचाने के लिए नशा तस्कर हरियाणा को एक सेफ जोन की तरह इस्तेमाल करते हैं। एनसीबी की रिपोर्ट यदि माने तो नशा तस्करी के मामले में हरियाणा के हालात ज्यादा बेहतर नहीं है।
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आईओ की ढिलाई से छूट जाते हैं तस्कर

समन्वय बैठक में यह बात भी सामने आई कि कई बार नशा तस्कर पुलिस के इंक्वायरी अफसरों (आईओ) की ढिलाई के चलते अदालतों से बरी हो जाते हैं। इसलिए अब हरियाणा पुलिस ने अपने आईओ इस विषय पर विशेष ट्रेनिंग देने का फैसला लिया है। यह ट्रेनिंग तीन सूत्रीय प्रोग्राम के तहत दी जाएगी। जिसमें उन्हें बताया जाएगा कि ऐसे कैसों से उन्हें कैसे निपटना है, ताकि कोर्ट में भी उनकी पैरवी मजबूत दिखे।

हरियाणा में बना इंटर स्टेट ड्रग सचिवालय
उत्तरी राज्यों में नशा तस्करों और कारोबारियों का नेटवर्क तोड़ने के लिए हरियाणा में एक इंटर स्टेट ड्रग सचिवालय का गठन किया गया है। यहां उत्तरी राज्यों की सभी पुलिस का कंट्रोल बोर्ड होगा। यहीं नशा तस्करी संबंधी सभी सूचनाएं पुलिस शेयर करेंगी, जिसे आगे विभिन्न राज्यों की पुलिस को भेजा जाएगा।

दुबई से आया 1500 करोड़ का नशा पकड़ा
केंद्रीय एजेंसियों ने पिछले दिनों ही मुंबई में दुबई से आया 1500 करोड़ का नशा पकड़ा है। बैठक में उत्तरी राज्यों के पुलिस अफसरों को बताया गया कि यह बड़ी कामयाबी सिर्फ और सिर्फ बेहतर आपसी तालमेल और इनपुट शेयर के कारण मिली है।

यह नशा दुबई से मुंबई के लिए पानी के जहाज में जलमार्ग से चला था। बताया जा रहा है यह नशा भी पाकिस्तान से वाया दुबई भारत में पहुंचाया जा रहा था। लेकिन मुंबई में इसे को जब्त कर लिया गया।
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