त्योहारों के बीच पाकिस्तान से हेरोइन व हथियारों की तस्करी बढ़ गई है। दो साल के अंदर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने 450 ड्रोन पकड़े हैं। नशीले पदार्थों के साथ विस्फोटक व हथियार भी पकड़े जा रहे हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक तस्करी में अब ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के चार जिले तस्करों के निशाने पर हैं जहां तस्करी के सबसे अधिक मामले आ रहे हैं।
एनसीबी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में पंजाब में सबसे अधिक 163 केस सामने आए जिनमें 187 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई है जबकि 5.39 किलो मेथामफेटामाइन और 4.22 किलो अफीम जब्त की गई। तस्करी से पंजाब सीमा सबसे अधिक प्रभावित रही है जहां राज्य या केंद्रीय एजेंसियों की ओर से ड्रग्स, जाली नोट, हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी की गई। इसमें भारी मात्रा में हेरोइन, अफीम, चरस और अन्य ड्रग्स शामिल हैं। पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में बीते एक माह में तीन बार एके-47, 56 राइफल, आरडीएक्स, विदेशी निर्मित राइफलें और जाली नोट भी जब्त किए गए हैं।
पंजाब ड्रोन से नशीले पदार्थों व हथियारों की तस्करी से कदर प्रभावित है कि राज्य सरकार को बॉर्डर पर एंटी ड्रोन सिस्टम लगाना पड़ा है। सरकार ने 51.41 करोड़ रुपये की लागत से 9 अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम खरीदे हैं। ये सिस्टम न केवल ड्रोन और उसके कंट्रोल स्टेशन की सटीक लोकेशन का पता लगाने में सक्षम हैं, बल्कि रियल-टाइम मैप पर अलर्ट और खतरे की स्वचालित चेतावनी देने की क्षमता भी रखते हैं। इस तकनीक को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सीमावर्ती जिलों के 50 पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।