चंडीगढ़। 10 जनवरी को लक्जमबर्ग में होने वाली हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी की जांच होगी। शिकायतकर्ता अजय जग्गा को लक्जमबर्ग में भारतीय दूतावास के सचिव (संस्कृति) की तरफ से जवाब आया है। जग्गा ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को इस बारे जानकारी देते हुए कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि अगर इस पर तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई की गई तो नीलामी रुक भी सकती है।
नीलामी लक्जमबर्ग के ‘लक्स ऑक्सन लक्जमबर्ग’ की बेवसाइट पर होगी। इसके लिए वेबसाइट पर प्रत्येक आइटमों की जानकारी अपलोड कर दी गई है। नीलामी में जो आइटमें रखी जाएंगी, उनमें ऑफिस केन चेयर, सीनेट कमेटी चेयर्स, ईजी आर्म्स चेयर्स, कैफेटेरिया टेबल, डाइनिंग चेयर्स, लॉ फायरसाइड चेयर, स्टूडेंट चेयर, स्मॉल डेस्क, सोफा, आर्म्स चेयर्स और स्टूल आदि आइटम्स शामिल हैं। यह फर्नीचर पंजाब यूनिवर्सिटी, यूटी सचिवलय समेत अन्य जगहों के हैं। इनकी प्रस्तावित कीमत 1.44 से 1.75 करोड़ रुपये रखी गई है। इस नीलामी को रोकने के लिए हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने बुधवार को लक्जमबर्ग में एंबेसडर ऑफ इंडिया को शिकायत भेजी थी। उन्होंने कहा कि हेरिटेज फर्नीचर की नीलामी को रोकने के साथ ही इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए कि आखिरकार देश से बाहर ये हेरिटेज फर्नीचर पहुंच कैसे रहा है। जो भी फर्नीचर की तस्करी में शामिल है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अलावा यहां स्थानीय स्तर पर भी इसकी चोरी रोकने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए।