चंडीगढ़। कोरोना महामारी से बचाव के लिए होने वाले टीकाकरण को लेकर लोगों के मन में अलग-अलग तरह के सवाल उठ रहे हैं। जब तक टीके का मानव परीक्षण कर उसकी वैधता तय नहीं हुई थी, तब तक हर किसी को टीकाकरण का इंतजार था। अब जब टीकाकरण की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, तब लोग उसे लेकर डरे हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि उच्च अधिकारी से लेकर फ्रंटलाइन हेल्थ केयर वर्कर के मन में भी यह सवाल उठ रहा है कि टीकाकरण कराने के बाद किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं होगी। स्थिति यह हो गई है कि हर कोई टीकाकरण को लेकर ‘पहले आप पहले आप’ अपनी बात दोहरा रहा है।
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चिंता है कि कहीं कमजोर न हो जाए अभियान
कोरोना टीकाकरण अभियान को लेकर अब इस बात की चिंता सताने लगी है कि कहीं अभियान कमजोर साबित ना हो जाए। लोगों के मन से डर निकालने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार संदेश प्रसारित कर रहा है। वही निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अमनदीप कंग का कहना है कि टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने हर स्तर पर व्यवस्था की है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे खुद को सुरक्षित महसूस करते हुए टीकाकरण के लिए आगे आए और इस अभियान को सफल बनाएं।
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प्रतिकूल परिस्थिति से बचाव के लिए पीजीआई और जीएमसीएच की टीमें तैयार
टीकाकरण के दौरान प्रतिकूल परिस्थिति से बचाव के लिए पीजीआई और जीएमसीएच- 32 में विशेषज्ञों की टीम गठित की जा चुकी है। टीकाकरण के दौरान किसी लाभार्थी को किसी भी स्तर की परेशानी होने पर उसे चंद मिनट में विशेषज्ञों की टीम तक पहुंचा दिया जाएगा। इसके लिए टीकाकरण वाले चयनित किए गए सभी केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की गई है।