चंडीगढ़ में अवैध रूप से चल रहे पेइंग गेस्ट (पीजी) को बंद करने और उसके संचालकों पर कार्रवाई करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने सोमवार को हेल्पलाइन नंबर 1860-1802067 जारी किया। अगर किसी इलाके में कोई अवैध तरीके से पीजी चलाया जा रहा है तो इस नंबर पर कॉल कर जानकारी दी जा सकती है।
इसके अलावा अवैध पीजी के खिलाफ एरिया एसडीएम पुलिस और आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ेंगे। डिप्टी कमिश्नर मनदीप सिंह बराड़ ने शहर में अवैध रूप से चल रहे पीजी को लेकर सोमवार को एसडीएम समेत सभी प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने पीजी की गाइडलाइंस पर कहा कि अभी फिलहाल इस संबंध में वन टाइम रजिस्ट्रेशन का प्रावधान है।
उन्होंने इस्टेट ऑफिस को निर्देश दिए कि एक प्रस्ताव भेजा जाए, जिसमें इंस्पेक्शन के बाद पीजी के हर साल रजिस्ट्रेशन का प्रावधान हो ताकि अवैध रूप से चल रहे पीजी पर शिकंजा कसा जाए। विभाग ने इन प्रावधानों के लिए हायर अथॉरिटी को भी लिख दिया है। इसके अलावा डीसी ने इस्टेट ऑफिस को निर्देश दिए हैं कि वह जल्द ये प्रस्ताव लेकर आएं कि फायर एनओसी और इंस्पेक्शन पीजी के लिए अनिवार्य किया जाए ताकि बच्चों के साथ-साथ प्रॉपर्टी की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
पीजी से संबंधित केसों का जल्द निपटारा करने के आदेश
डीसी ने बैठक के दौरान सभी सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को अपने-अपने एरिया में चल रहे पीजी की चेकिंग के लिए टीमें गठित करने के निर्देश दिए। इन टीमों में सभी प्रमुख विभागों के अधिकारियों को शामिल किया जाना चाहिए।
चेकिंग के दौरान जहां कहीं भी अवैध रूप से चल रहे पीजी पाए जाते हैं, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि अपने एरिया में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों और पुलिस अधिकारियों के साथ भी बैठक की जानी चाहिए। पीजी से संबंधित पेंडिंग केसों का भी जल्द ही निपटारा करने के लिए सभी एसडीएम को कहा गया है।
किरायेदारों का आंकड़ा जुटाएगा प्रशासन
डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने शहर में किराए पर रहने वाले लोगों का आंकड़ा जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एक जगह पर ज्यादा संख्या में रहने वालों पर नजर रखने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने पीजी में रह रहे सभी लोगों को पुलिस के पास रजिस्टर्ड करने के निर्देश दिए हैं, ताकि विभाग समय-समय पर चेक कर सकें कि कितने लोग संबंधित पीजी में रह रहे हैं।
एसएसपी चंडीगढ़ की ओर से इस संबंध में डाटा एसडीएम के साथ शेयर किया जाएगा और कानून के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
घटना के बाद जागे अधिकारी, 17 पीजी पर कार्रवाई की तैयारी
सेक्टर-32 डी के एक पीजी में आग लगने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन चेत गया है। सोमवार को तीनों एसडीएम ने अपने-अपने क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान एसडीएम को 17 पीजी अवैध रूप से संचालित मिले। सभी पीजी संचालकों को नोटिस देकर केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। आग लगने की घटना में तीन लड़कियों की मौत हो गई थी।
दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को एसडीएम साउथ एसके जैन, एसडीएम सेंट्रल नाजुक कुमार और एसडीएम ईस्ट सुधांशु गौतम ने अधिकारियों के साथ चेकिंग अभियान शुरू किया। पहले सुबह बैठकों का दौर शुरू हुआ। उसके बाद योजनाबद्ध तरीके से चेकिंग की गई। जानकारी के अनुसार तीनों एसडीएम ने सेक्टर-32, सेक्टर-7, 8, 42, 33 में चेकिंग की।
इस दौरान अधिकारियों ने पीजी में रह रहे छात्र-छात्राओं के दस्तावेज चेक किए। उसके बाद पीजी संचालक से भी अनुमति के पत्र मांगे। चेकिंग में 17 पीजी ऐसे मिले, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया था। प्रशासन सभी पीजी संचालकों को नोटिस देकर केस दर्ज करने की तैयारी में है। आगे भी एसडीएम लगातार चेकिंग अभियान चलाएंगे।