थाना प्रभारी के नशा तस्करों से गठजोड़ का मामला थमा नहीं था कि लुधियाना पुलिस के लगभग 28 मुलाजिम लाटरी संचालकों से पैसा वसूली करते सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। पूरे खुलासे की वीडियो सहित पुलिस कमिश्नर को शिकायत की गई, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
आखिरकार लुधियाना निवासी सुभाष कैटी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें लॉटरी संचालकों से पैसा लेने की वीडियो भी अदालत को दी है। अदालत ने याचिका पर 17 फरवरी 2020 को सुनवाई करते हुए पुलिस कमिश्नर को अगली सुनवाई तक कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है।
वहीं मामले की जांच के लिए पुलिस कमिश्नर ने दो सदस्यीय टीम का गठन किया है, सोमवार को शिकायतकर्ता ने इस जांच कमेटी को नकार दिया है। उनका कहना है कि इस जांच कमेटी के सदस्यों से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है।
2003 में भी किया था 14 मुलाजिमों का स्टिंग
सुभाष कैटी ने बताया कि 2003 में लॉटरी संचालकों से पैसा एकत्र करने वाले 14 मुलाजिमों का उन्होंने स्टिंग ऑपरेशन किया था। इसमें भी पुलिस मुलाजिमों को लॉटरी संचालकों से पैसा लेते कैमरे में कैद किया गया था। बीते 17 साल से मामला अदालत में चल रहा है। अभी तक मामलों में गवाहियां चल रही हैं।
इस मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर दिया था। क्योंकि पुलिस अपने मुलाजिमों को बचाने के चक्कर में उन्हें परेशान कर रही है। अभी तक वह इस मामले में संघर्ष कर रहे है, ताकी आरोपियों को सजा दिलाई जा सके।
पुलिस बड़े पैमाने पर वसूली करती है
सुभाष कैटी ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर में पुलिस लॉटरी संचालकों से बड़े पैमाने पर वसूली करती है। हर महीने लॉटरी संचालकों से पुलिस मुलाजिम जाकर पैसा लेते हैं। 2018 से लेकर 2019 तक इस भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए एक लॉटरी विक्रेता ने सीसीटीवी कैमरे में सब कुछ कैद किया। इसकी पूरी फुटेज उन्हें दी।
19 नवंबर 2019 को सीसीटीवी फुटेज सहित पुलिस कमिश्नर के पास लिखित शिकायत दी, लेकिन इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार उन्होंने अपने एडवोकेट रंजन लखनपाल के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका (सीआरएम-एम 7149/2020) फाइल की। इस याचिका में अदालत को पैसा लेते पुलिस मुलाजिमों की सीसीटीवी फुटेज भी दी गई है।
17 फरवरी को जस्टिस अरुण कुमार त्यागी की अदालत ने सुनवाई करते हुए डीजीपी और पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया है। इसमें सीसीटीवी फुटेज में लॉटरी विक्रेताओं से पैसा लेने वाले मुलाजिम पर कार्रवाई करने व इसकी रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को होगी।
कैटी के अनुसार, जिस दुकान पर यह सीसीटीवी फुटेज बनी है, उस दुकान पर पुलिस ने दिवाली से लगभग 5 दिन बाद छापा मारा और 7 लोगों को गिरफ्तार करके आईपीसी की धारा 420, लॉटरी एक्ट और जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
सभी के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई। पांच दिन बाद उन्हें जमानत पर रिहा किया गया। अब पुलिस ने उनके खिलाफ अदालत में चालान सिर्फ जुआ अधिनियम के तहत पेश किया। इससे साफ है कि दाल में बहुत कुछ काला है।