चंडीगढ़। नगर निगम आयुक्त केके यादव ने गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छ सवारी नाम से एक गाड़ी को सेक्टर 16 स्थित शांति कुंज की पार्किंग से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस गाड़ी में लोग अपने पुराने कपड़े, जूते व अन्य जरूरत का सामान दान दे सकते हैं। वहीं निगम ने स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता की भी घोषणा की।
संयुक्त आयुक्त सौरभ अरोड़ा ने बताया कि इस सवारी को तीन मानकों नवीनीकरण, फिर से नवीनीकरण, फिर से उपयोग के आधार पर शुरू किया गया है, जिससे लोग जरूरतमंदों की सहायता कर सकें। वहीं अब हर वार्ड में स्वच्छता प्रतियोगिता शुरू की जा रही है। यह प्रतियोगिता फरवरी तक चलेगी। प्रशासन की एक टीम हर माह प्रत्येक वार्ड को अंक देगी। अंत मे जिस वार्ड के अंक सबसे ज्यादा होंगे, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। स्वच्छता श्रेणी में सुधार के लिए निगम यह उपाय अपना रहा है। शहर के 26 वार्ड में स्वच्छ वार्ड प्रतियोगिता का शुभारंभ हो गया है। इसमें सूखा-गीला कचरा अलग करने से लेकर उसके निस्तारण की प्रक्रिया को देखा जाएगा। प्रशासन की ओर से गठित एक टीम हर माह प्रत्येक वार्ड का निरीक्षण करेगी और कचरे की स्थिति देखेगी। उसके आधार पर वार्ड को अंक दिए जाएंगे। चूंकि स्वच्छता सर्वेक्षण भी अक्तूबर से फरवरी माह तक चलता है, इसलिए इस प्रतियोगिता के माध्यम से श्रेणी में भी सुधार का प्रयास रहेगा। फरवरी में सभी माह के अंक जोड़ने के बाद सर्वश्रेष्ठ वार्ड को पुरस्कार दिया जाएगा। संयुक्त सचिव ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 15 मानक तय किए गए हैं। नगर निगम की वेबसाइट http://wwwmcchandigarh.gov.in/ पर भी देखे जा सकते हैं। इन मानकों पर एक हजार अंक दिए जाएंगे। यह मानक भी स्वच्छता सर्वेक्षण के आधार पर ही तय किए गए हैं।
साल दर साल गिरता जा रहा प्रदर्शन
वर्ष 2017 में स्वच्छता श्रेणी में शहर को 11वां स्थान मिला था। उसके बाद लोगों के साथ मिलकर अधिकारियों ने मेहनत की, जिसकी बदौलत अगले वर्ष 2018 में स्वच्छता सर्वेक्षण में देशभर में तीसरे नंबर पर आ गया। लेकिन उसके बाद शहर का प्रदर्शन लगातार गिरता गया। वर्ष 2019 में शहर फिसलकर 20वें पायदान पर पहुंच गया। जब लोगों ने पार्षदों व अधिकारियों को निशाने पर लिया तो सभी ने बेहतर श्रेणी का भरोसा दिलाया लेकिन तब भी 16वीं श्रेणी मिली थी।