वित्त एवं अनुबंध कमेटी के चुनाव में हुई क्रास वोटिंग से भाजपा पार्षदों में गुटबाजी बढ़ गई है। वहीं क्रास वोटिंग की शिकार हुईं हीरा नेगी का कहना है कि जब जीत का क्रेडिट भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन को जाता है तो इस हार का क्रेडिट भी उन पर ही जाता है।
भाजपा पार्षद हीरा नेगी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि क्रास वोटिंग करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। अगर उन्हें जल्द इंसाफ न मिला तो लिखित में हाईकमान से शिकायत करेंगी। उन्होंने बताया कि संघ नेताओं और पार्टी प्रभारी प्रभात झा से इसकी मौखिक शिकायत कर दी गई है। नेगी ने कहा कि उन्हें साजिश के तहत हराया गया है।
मेयर आशा जसवाल को मतदान से दो दिन पहले ही मैंने कह दिया था कि उनके लिए तय वोट की सूची में बदलाव किया जाए, लेकिन वह नहीं मानीं। उन्होंने कहा कि ऐसे में क्रास वोटिंग करने वालों से ज्यादा बड़ा कसूरवार वह है जिसने सूची में बदलाव नहीं किया।
नेगी ने कहा कि ‘अब घड़ा भर गया है। ऐसे में पाप का अंत होने वाला ही है। जो किया है उसे भुगतना तो पड़ेगा ही।’ मालूम हो कि हीरा नेगी सांसद किरण खेर की करीबी हैं। नेगी की हार से खेर भी भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन से नाराज हैं। मेयर आशा जसवाल भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन की करीबी हैं।
सूद और कंवरजीत को पड़े वोटों की भी जांच
अरुण सूद
- फोटो : अमर उजाला
नेगी का कहना है कि कई पार्षद उन्हें राय दे रहे हैं कि अखबारों में इस मामले केा लेकर नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब आशा जसवाल मेयर का चुनाव जीती थीं तब भी वहीं अखबार वाले थे, जिन्होंने न्यूज छापी। तब क्यों नहीं रोका गया।
अगले हफ्ते सौंपूंगा रिपोर्ट: चंद्रशेखर
पार्टी महासचिव चंद्रशेखर की ओर से इस मामले की जांच की जा रही है। चंद्रशेखर का कहना है कि क्रास वोटिंग करने वालों की पहचान हो गई है जिसकी रिपोर्ट अगले सप्ताह सौंप दी जाएगी।
पार्टी प्रभारी प्रभात झा के समक्ष भी मामला पहुंच गया है उन्होंने ने भी स्थानीय भाजपा इकाई से इस पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। चंद्रशेखर ने कहा कि अभी भी क्रास वोटिंग करने वालों के पास मौका है कि वह कार्रवाई से बचने के लिए खुद ही नाम बता दें।
सूद और कंवरजीत को पड़े वोटों की भी जांच
वित्त एवं अनुबंध कमेटी के चुनाव में पूर्व मेयर अरुण सूद को एक वोट अतिरिक्त पड़ा था, जबकि उनके लिए छह वोट तय किया गया था।
इसके साथ ही कंवरजीत राणा को निर्दलीय उम्मीदवार दलीप शर्मा ने वोट दिया था। ऐसे में राणा को 7 वोट मिलनी चाहिए थी, लेकिन उनको छह वोट ही पड़े। ऐसे में इससे भी पार्टी की किरकिरी हो रही है। भाजपा पार्षदों ने महासचिव चंद्रशेखर को भी इस पर जांच करने के लिए कहा है।