भाखड़ा डैम में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए शुक्रवार शाम को इसके फ्लड गेट खोल दिए गए। बीबीएमबी मैनेजमेंट ने 19 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्णय लिया। वहीं मौसम विभाग ने भी अगले दो दिन पंजाब और हिमाचल में भारी बारिश की आशंका जताई है।
बीबीएमबी के चीफ इंजीनियर अश्वनी कुमार अग्रवाल ने बताया कि 59158 क्यूसेक पानी की आमद के साथ ही भाखड़ा डैम का जलस्तर 1674 फुट तक पहुंच गया है।
डैम की क्षमता 1685 फुट तक है लेकिन मौसम विभाग द्वारा 18-19 को भारी बारिश की संभावना के कारण फ्लड गेट खोलने का निर्णय लेना पड़ा। कहीं पंजाब में भारी बारिश हो और ऊपर से भाखड़ा डैम से भी पानी छोड़ दिया जाए तो हालात खराब हो सकते हैं।
अभी बिजली उत्पादन के लिए टरबाइनों के माध्यम से 36000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था जिससे 331.61 लाख यूनिट बिजली उत्पादन किया गया। अब बदलते हालात को देखते हुए 36 हजार टरबाइनों और 19,000 क्यूसेक पानी फ्लड गेटों के माध्यम से छोड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि बीबीएमबी मैनेजमेंट पूरे हालात पर पैनी निगाह बनाए हुए है। अगर पानी की आमद में वृद्धि होती है तो पानी छोड़ने की मात्रा को बढ़ाया भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को इस बारे में जानकारी दे दी गई है और लोगों से भी अपील है कि अगले कुछ दिन सतलुज दरिया क्षेत्र में जाने का प्रयास न करें।
ये इलाके हो सकते हैं प्रभावित
बरसात से पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, तरनतारन, लुधियाना, पटियाला, संगरूर, मनसा, बठिंडा, मोगा, बरवाला और आस-पास के इलाकों के प्रभावित होने की आशंका है।
जून और जुलाई महीने में कमजोर रहने के बाद अब मानसून पूरे उफान पर है। आगामी दो दिनों में पंजाब में भारी बारिश की संभावना है। धान की फसल के लिए तो बारिश ठीक है, पर फल व सब्जियों में ज्यादा पानी खड़ा रहने के कारण यह नुकसानदेह भी है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एवं मानसून के सक्रिय होने के कारण अगस्त में लगातार रिकार्ड तोड़ बारिश हो रही है। अगस्त में अब तक 170 एमएम तक बारिश हो चुकी है।
- डॉ. प्रभजोत कौर, मौसम विभाग, पीएयू, लुधियाना