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हरियाणा-पंजाब में नकदी फसलों पर बारिश की मार, सरसों को भी नुकसान, चिंता में किसान

Fri, 08 Feb 2019 04:46 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के अधिकांश क्षेत्र में भारी बारिश ने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें ला दी हैं। कहीं अत्यधिक तो कहीं हल्की बारिश ओलावृष्टि के साथ होने पर नकदी फसलों के चौपट होने की नौबत आ गई है तो सरसों को नुकसान हुआ है। हालांकि, कृषि विभाग और कृषि विशेषज्ञ गेहूं की फसल के लिए इस बारिश को लाभदायक मान रहे हैं। लेकिन, भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी व प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस के अनुसार तेज बारिश से गेहूं की अगेती फसल की बाली को नुकसान पहुंचा है। 

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अत्यधिक बारिश से मटर व आलू की फसल पर खासी मार पड़ी है। अगर अगले चौबीस घंटे भी तेज बारिश हुई तो खेतों में पानी भरने से गोभी की फसल भी खासा प्रभावित हो सकती है। कुछ जिलों में बारिश के बाद हवा चलने से गन्ने की फसल भी ढह गई है, वहीं चने को नुकसान पहुंचा है। किसान गेहूं की अधिकतर फसल के लिए बारिश को खाद की तरह मानकर चल रहा है।

 15 दिन में दो बार तेज बारिश होने से किसानों की दो सिंचाई भी बच गई हैं। हरियाणा के बड़े हिस्से में गेहूं की पछेती किस्मों की ही बिजाई होती है, जिससे के लिए बारिश व उससे तापमान में आई गिरावट लाभकारी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अगर बारिश न होती तो तापमान बढ़ता, जो गेहूं के लिए नुकसानदेह रहता।

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किन जिलों में अत्यधिक बारिश

पंजाब में गिरे ओले
हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल व करनाल जिले के 50 से 75 प्रतिशत क्षेत्र में ओलावृष्टि के साथ अत्याधिक बारिश हुई है। जिससे नकदी फसलों को नुकसान पहुंचा है।

11 जिलों में 75 फीसदी से कम इलाके में तेज बारिश
प्रदेश के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, मेवात व पलवल के 75 प्रतिशत से कम क्षेत्र में तेज बारिश हुई है।

चार जिलों में भारी बारिश व ओलावृष्टि
फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत व पानीपत के 25 से 50 प्रतिशत क्षेत्र में भारी बारिश हुई है। साथ ही ओले भी पड़े हैं। जिससे नकदी फसलों व सरसों को नुकसान पहुंचा है।

हल्की बारिश वरदान, तेज बारिश व हवाओं से नुकसान : डॉ. कुलदीप
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कृषि विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप सिंह ढींढसा ने कहा कि अभी तक हुई हल्की बारिश फसलों के लिए अच्छी है। तेज बारिश व हवा से सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। अगर हल्की बारिश हो तो कोई मार फसलों पर नहीं पड़ेगी। हल्की बारिश गेहूं की बंपर पैदावार का संकेत है।

पानी भरने से नुकसान संभव, कहीं से सूचना नहीं : गहलावत
कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक सुरेश गहलावत ने कहा कि ज्यादा तेज बारिश से पानी भरने पर फसलों को नुकसान हो सकता है। हल्की बारिश फायदेमंद है। संभव है, बारिश के बाद तेज हवा से सरसों पर कहीं मार पड़ी हो, मगर फसलों को नुकसान की सूचना अभी कहीं से नहीं मिली। गन्ने की काफी फसल पक चुकी है, इसलिए बारिश से उसे ज्यादा फर्क नहीं पड़ने वाला। 

पंजाब के कई जिलों में तेज हवाओं के बाद भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। इससे सब्जियों, सरसों और चारे को नुकसान पहुंचा है। वहीं निचले इलाकों में अगर कई दिन तक यह बारिश का पानी भरा रहा तो इससे गेहूं की फसल को भी नुकसान हो सकता है। खेतीबाड़ी विभाग द्वारा जुटाई गई रिपोर्ट के मुताबिक छह जिलों में ओले पड़े हैं।

 माझा, दोआबा और आधे मालवा में हल्की, मध्यम और भारी बारिश हुई है। औसतन दस मिलीमीटर बारिश हुई है। खेतीबाड़ी विभाग के नए डायरेक्टर स्वतंत्र कुमार ने गुरुवार को पदभार संभाल लिया, पर उनसे संपर्क नहीं हो सका। पूर्व डायरेक्टर डॉ. जसबीर बैंस ने कहा कि ओले पड़ने से बरसीम जैसी चारे की फसल टूट जाती है, फिर उसे पशु नहीं खाते। 

वहीं, बारिश से निचले इलाकों में अगर गेहूं के खेतों में पानी भरा तो दाना पीला पड़ जाएगा, उत्पादन प्रभावित होगा। इस समय गेहूं का परागण हो रहा है, ऐसे में ओले और तेज हवाएं ठीक नहीं। इनसे फसल खेतों में बिछ जाती है। इससे सरसों को भी नुकसान पहुंचता है। 

फलों और फूलों पर ज्यादा प्रभाव नहीं

सब्जियों की फसल पर भी मौसम की मार पड़ी है, हालांकि फलों और फूलों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। हॉर्टिकल्चर विभाग के पूर्व डायरेक्टर पुष्पिंदर औलख ने कहा कि जड़ों तक पानी पहुंचने से ऑक्सीजन नहीं मिलती, सब्जियां खत्म हो जाती हैं। पंजाब में सबसे ज्यादा आलू होता है, उस पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। 

इसके अलावा गोभी, मटर, कद्दू, तोरई, टिंडे को भी बारिश, ओलों से नुकसान होगा। जड़ वाली सब्जियां मूली, गाजर आदि पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। फलों में यह प्रमुख तौर पर किन्नू होता है। जनवरी अंत में फलों में फ्रूटिंग बड बन जाती हैं, अगर उन पर ओले पड़े तो नुकसान होगा। फूलों की खेती पॉली हाउस में ही होती है।

सूबे में प्रमुख फसलों का रकबा
गेहूं - 35 लाख हेक्टेयर
चारा - 2 लाख हेक्टेयर
सब्जियां - 2.45 लाख हेक्टेयर
फल - 84 हजार हेक्टेयर

जिला -----  बारिश (मिमी) --- ओलों से कहां नुकसान
फतेहगढ़ साहिब - 8.0 --- खेड़ा, बस्सी, खमाणो ब्लॉक में ओले से सरसों, चारे को नुकसान
फिरोजपुर ----- 6.3 -- फिरोजपुर, घल्ल खुर्द, मंदेण ब्लॉकों में ओलों से सब्जियों को नुकसान
होशियारपुर ---- 29.0 -- होशियारपुर, महिलपुर ब्लॉक में ओलावृष्टि
लुधियाना ----- 25.3 --- सुधार, सिंधवां बेट, जगरांव और लुधियाना ब्लॉक में ओलों से सब्जियां प्रभावित
मोहाली ----- 11.0 --- डेराबस्सी, खरड़ मे ओलावृष्टि
पटियाला ---- 14.7 --- राजपुरा ब्लॉक में ओलावृष्टि
गुरदासपुर ---- 25.7
कपूरथला ---- 36.0
जालंधर ----- 15.0
पठानकोट ---- 16.5
रोपड़ - 12.0
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पंजाब में ओलावृष्टि से नुकसान की विशेष गिरदावरी के आदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की खबरों के कारण फसल नुकसान के आकलन के लिए विशेष गिरदावरी का आदेश दिया। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, मुख्यमंत्री ने इस आशय का एक निर्देश जारी किया है, जिसमें राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों को एक विशेष गिरदावरी के माध्यम से फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए कहा गया है।

 प्रवक्ता ने कहा कि हालांकि सर्दियों की बारिश सामान्य रूप से गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है लेकिन ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका का आकलन सभी उपायुक्तों और उनके अधीनस्थ राजस्व कर्मचारियों को सौंपा गया है। इसके साथ ही उन्हें राज्य सरकार को समय पर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिए गए हैं। 
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