फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हे राम! 2 घंटे में 100 एमएम बारिश, हद है

Tue, 29 Jul 2014 10:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
कई दिनों से गरमी से परेशान लुधियानवियों को सोमवार को हुई जबरदस्त बरसात से राहत मिली। सोमवार सुबह केवल दो घंटे में ही औद्योगिक शहर में 101.4 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
विज्ञापन


तेज हवाओं के साथ हुई बारिश को सावन की झड़ी का इंतजार कर रहे लोगों ने जम कर एंज्वाय किया। वहीं यह बरसात शहर के लिए कई मुसीबतें भी लेकर आईं।

गिल रोड पर बजरी से भरा ट्रक सड़क के बीच धंस गया। इससे ट्रैफिक बाधित हुआ। दो घंटे की बारिश ने ही निगम के पानी निकासी के तमाम इंतजामों को धराशायी कर दिया। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के माहिरों ने शहर में अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश होने की संभावना जताई है।

बरसात से बाजारों, निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के घरों में और वाहनों के अंदर पानी भर गया। बरसात के कारण कुछ स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। जो स्कूल लगे, वहां बच्चों की उपस्थिति भी केवल बीस से तीस फीसदी ही रही। सोमवार सुबह आसमान में काले बादलों से आसमान पूरी तरह से ढक गया। करीब साढ़े पांच बजे बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला शुरू हो गया जो लगभग साढ़े सात बजे तक जारी रहा।
विज्ञापन


इस बारिश के कारण चौड़ा बाजार, माता रानी चौक स्थित इलेक्ट्रोनिक्स मार्केट, निघ्घर मंडी, प्रताप बाजार, मीना बाजार, गिरजाघर चौक, ढोलेवाल चौक, मिलगंज चौक, ट्रांसपोर्ट नगर, बीआरएस नगर, घुमार मंडी, रानी झांसी रोड, समराला चौक, शिवाजी नगर, माधोपुरी, शिव पुरी, फोकल प्वाइंट और औद्योगिक नगर समेत कई इलाकों में पानी जमा हो गया। कई इलाकों में पानी लोगों के घरों में भी घुस गया।

बारिश के कारण सुबह बिजली और पानी की आपूर्ति भी बाधित हुई और तेज हवा के कारण कुछ जगहों पर पेड़ भी गिर गए। ढोलेवाल चौक में पानी चले जाने से कई वाहन खराब हो गए। ट्रांसपोर्ट नगर में खड़े ट्रक भी पानी में डूब गए। बरसात से दो पहिया वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

पता नहीं क्या कर रहा है निगम
पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के सचिव महेंद्र अग्रवाल का कहना है कि दो घंटे की बारिश ने ही निगम के सारे दावों की पोल खोल दी है। बारिश तड़के ही शुरू हो गई, नतीजतन दुकानदारों को सामान संभालने तक का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि बाजार में कई दुकानों में आठ-आठ फुट तक पानी जमा हो गया। बाजार में कुल सत्तर से अस्सी फीसदी दुकानों में पानी चला गया, इससे करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है।

अग्रवाल ने कहा कि 1988 से हर बार भारी बारिश होने पर दुकानों में पानी आ रहा है, लेकिन निगम ने अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं किया है। इलाके में पानी की निकासी के लिए बने नाले की सफाई भी ठीक प्रकार से नहीं हुई है। नतीजतन पानी बाजारों में जमा हो जाता है।

अग्रवाल ने कहा कि करीब अस्सी फीसदी शहर में स्टार्म सीवरेज का इंतजाम नहीं है। पंजाब स्टेट गुड्स ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के महासचिव सर्बजीत सिंह का कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर में 400 से अधिक ट्रांसपोर्टर्स हैं। इनमें से 120 से अधिक कारोबारियों के गोदामों में बारिश का पानी चला गया। इससे गोदामों में रखे करोड़ों रुपये के माल का नुकसान हुआ। सिंह ने कहा कि निकासी का कोई इंतजाम इस इलाके में नहीं है। इसलिए हर साल ट्रांसपोर्ट नगर में पानी जमा हो जाता है। निगम को इसका कोई ठोस हल तलाशना होगा।

सोशल मीडिया पर भी छाई रही सावन की झड़ी
सावन के सोमवार को जहां मानसून की फुहारों ने जमीन की तपिश को ठंडा किया, वहीं बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को भी बड़ी राहत दी। सावन की इस झड़ी को लोगों ने सोशल मीडिया पर भी खूब एंज्वाय किया। जैसे ही शहर में बारिश शुरू हुई, फेसबुक, वॉट्सऐप पर मानसून बारिश के संदेशों और फोटो की बाढ़ आ गई। वहीं लोगों ने शहर में जमा पानी की तस्वीरों को भी एक दूसरे के साथ शेयर किया।

कानूनी सलाह ली कासनी ने
रविवार रात को कासनी के फोन पर मुख्य सचिव के कई एसएमएस आए। इसमें से पहले दो एसएमएस तो प्यार से दी गई धमकी वाले थे। बाद के एसएमएस की भाषा कासनी को भी अखर गई है। कासनी के मुताबिक पहले तो उन्होंने इस एसएमएस को सामान्य समझा लेकिन, बाद में इसकी भाषा पर उन्हें बड़ा एतराज हुआ। कासनी ने इस बारे में कानूनी सलाह भी ली है।

धमकी नहीं मित्रों के बीच मजाक था
मुख्य सचिव एससी चौधरी ने कहा कि कासनी को भेजा गया एसएमएस धमकी नहीं है, बल्कि दो निजी मित्रों के बीच एक मजाक था। कासनी और उनके बीच कैसे संबंध हैं यह किसी को बताने की जरूरत नहीं है। हमारे बीच आपस में मजाक चलता रहता है। हम दोनों एक ही जिले के हैं। उन्होंने कहा जहां तक फाइल मंगवाने की बात है वे मुख्य सचिव होने के नाते कोई भी फाइल मंगवा सकते हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें