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पंजाब, हरियाणा में 'बेरहम' बारिश ने फिर मचाई 'तबाही'

Tue, 31 Mar 2015 09:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक/लुधियाना
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मार्च के पहले पखवाड़े में बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हो चुके प्रदेश के किसानों पर रविवार रात और सोमवार सुबह एक बार फिर मौसम की मार पड़ी। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं तेज बरसात से गेहूं की कटी फसल, सरसों और जौ में नुकसान हुआ है।
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सिरसा, भिवानी, नारनौल और महेंद्रगढ़ क्षेत्र में बारिश के साथ जमकर ओल गिरे। इससे सब्जियों व गेहूं-सरसों की खड़ी फसल में जबर्दस्त नुकसान आंका जा रहा है। सिरसा में सोमवार दोपहर बरसात के साथ जबर्दस्त ओलावृष्टि हुई।

जिले के कई गांवों में ओले गिरने के सामाचार हैं। नाथूसरी चोपटा क्षेत्र में बारिश, ओलावृष्टि व तेज हवा से सरसों, गेहूं व चने की फसल को काफी नुकसान हुआ है।
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यहां-यहां हुई बारिश, खूब गिरे ओले

पैतालिसा क्षेत्र के कागदाना, कुम्हारिया, खेडी, गुंसाईयाना, राजपुरा साहनी, रामपुरा ढिल्लो, गिगोरानी, हंजीरा, रामपुरा नवाबाद, चाहरवाला, जोगीवाला, लुदेसर सहित कई गावों में गेंहू व सरसों की फसल पर करीब आधे घंटे तक ओलावृष्टि व बारिश हुई। करनाल में रविवार देर रात और सोमवार शाम पांच बजे तक 7.8 एमएम बारिश दर्ज की गई।

पानीपत में पिछले 24 घंटे में 5 एमएम, समालखा में 6 एमएम और बापौली में 7 एमएम बारिश दर्ज की गई है। यमुनानगर में सुबह बरसात के बाद ठंडक बढ़ गई। महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जिले में हल्की बारिश के समाचार हैं। सिरसा, भिवानी, नारनौल, महेंद्रगढ़ जिले के कई क्षेत्रों में जबर्दस्त ओलावृष्टि से फसलों व सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है।

भिवानी जिले के उमरावत, निमड़ीवाली सहित अन्य गांवों में आलू के आकार में ओले गिरे। बाढड़ा में पिछले दो हफ्ते में दूसरी बार ओलावृष्टि का कहर बरपा। चांदवास, खोरड़ा के मध्य दर्जनभर से ज्यादा गांवों में हुई ओलों की बरसात से किसानों के सपनों पर पानी फिर गया।

गांव डांडमा, उमरवास, जीतपुरा, काकड़ौली, हंसावास खुर्द, हंसावास कलां, लाड, लाडावास, भांडवा आदि में लगभग 25 मिनट तक ओले गिरे। नारनौल क्षेत्र में करीब 25 मिनट तक जबरदस्त बारिश के साथ ओले भी पड़े। नारनौल शहर में शाम साढ़े पांच बजे से पौने छह बजे तक ओलावृष्टि हुई। दोहान पच्चीसी क्षेत्र और नलवाटी क्षेत्र के करीब 20-25 गांवों में भी ओले गिरने के समाचार हैं।
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पंजाब में 35 लाख हेक्टेयर में खड़ी फसल को नुकसान

पंजाब में 35 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर लहरा रही गेहूं की फसल के लिए बेमौसम बरसात विलेन साबित हो रही है। तेज हवाओं और बारिश से गेहूं टिक नहीं पा रहा है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ रही है। लुधियाना में बीते 24 घंटों में तेज हवाओं के साथ रुककर हुई बारिश ने फिर से तमाम समीकरण बिगाड़ कर रख दिए हैं।

उधर, मौसम विभाग के माहिरों ने चार अप्रैल तक तेज हवाएं चलने, बारिश के साथ साथ कहीं कहीं ओलावृष्टि होने का अनुमान जताया है। सूबे में गेहूं की फसल पकने के कगार पर है। ऐसे में बारिश गेहूं की फसल को चौपट कर सकती है। इसलिए भी किसानों की हालत लगातार पतली हो रही है।

रविवार को दिन भर शहर में धूल भरी आंधी चलती रही। देर रात तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई। हालांकि सोमवार सुबह मौसम साफ हो गया। इससे किसानों ने राहत की सांस ली।
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