भारत की मेजबानी में पहली बार अमृतसर में शुरू हुई छठी मिनिस्टीरियल कांफ्रेंस हार्ट ऑफ एशिया इंस्ताबुल प्रोसेस में आतंकवाद मुख्य मुद्दा रहेगा। सम्मेलन में अधिकारी की स्तर की वार्ता शुरू हो गई है।
यह सम्मेलन अफगानिस्तान पर इस्तांबुल प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसमें शिरकत करने अमृतसर पहुंच गए हैं। सम्मेलन में 14 देशों के विदेश मंत्री हिस्सा ले रहे हैं।
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी। कांफ्रेंस में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर पीएम मोदी और अफगानिस्तान के प्रतिनिधि पड़ोसी देश को घेरने की तैयारी में है।
चूंकि, अफगानिस्तान और भारत आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देश हैं। अफगानिस्तान के साथ कनेक्टिविटी बढ़ाकर व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देना भी मुख्य एजेंडा रहेगा।
पाक विदेश मामलों के सलाहकार भी आ सकते हैं
अमृतसर में हार्ट ऑफ एशिया कांफ्रेंस
पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज रविवार को इस सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। अजीज की अमृतसर यात्रा से पहले भारत ने कहा था कि वह पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों में सीमा पार आतंकवाद की निरंतरता को नई सामान्य स्थिति के रूप में कभी स्वीकार नहीं करेगा।
भारत ने स्पष्ट किया कि निरंतर आतंकवाद के माहौल में वार्ता नहीं हो सकती। भारत ने उरी में सैन्य ठिकाने पर हमले के बाद पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने करने का आह्वान किया था। हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में उसी दिशा में अपना प्रयास जारी रख सकता है।
इसमें तीस देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके अलावा अमेरिका, चीन, पाकिस्तान, रूस और इरान के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। पूरी उम्मीद है कि सम्मेलन के घोषणा पत्र के जरिए पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद पर कड़वे अनुभव का अहसास कराया जाएगा।