अगर आप इन 10 जरूरी बातों को अपनी दिनचर्या की रुटीन बना लेंगे तो बीमारियों आपके दिल को कमजोर नहीं कर सकेंगी। आजकल दिल की बीमारियों का ट्रेंड अब बदल रहा है। पहले उम्रदराज लोगों में ये बीमारी देखी जाती थी, लेकिन पिछले पांच सालों से युवा काफी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। इससे उनकी जान पर खतरा बढ़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट के 100 मरीजों की ओपीडी में से 25 युवा होते हैं।
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हार्ट की बीमारियों की मुख्य वजह युवाओं का बदलता खान-पान है। बदलती आदतों की वजह से बीमारी खुद उनके पास आ रही है। दिल की बीमारियों की वजह से उनकी जान तो खतरे में जा रही थी, साथ ही परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इससे बचने के लिए आसान तरीके हैं। बस कुछ कदम मजबूत इच्छा शक्ति से उठाने होंगे। साथ ही बचपन से ही हेल्दी डाइट का ध्यान रखना होगा।
ये हैं मुख्य कारण
1. स्मोकिंग
2. हाइपरटेंशन
3. एक्सरसाइज न करना
4. फास्ट-फूड का सेवन
5. मोटापा
6. फैमिली हिस्ट्री का होना
7. फल या सब्जी का न खाना
8. पीयर प्रेशर
ऐसे रहेगा सुरक्षित दिल
दिल की धड़कन का हमारी सेहत पर काफी असर
- फोटो : Thinkstcok
1. हेल्दी डाइट
अपने खानपान का खास ख्याल रखें। आप क्या खा रहे हैं और कब खा रहे हैं, दोनों ही बातें महत्वपूर्ण हैं। हैवी डाइट के बजाए कम खाना खाएं। दिन में कम से कम चार से पांच बार हल्की डाइट लें। इसमें अंकुरित अनाज और फल जरूर शामिल होने चाहिए।
2. वजन पर काबू पाएं
मोटापा तमाम तरह की दिल की बीमारियों, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का खतरा बढ़ाता है। इसलिए वजन को काबू में रखना बेहद जरूरी है। अलग-अलग तरह की एक्सरसाइज और खानपान का ध्यान रखकर मोटापे को काबू में रखा जा सकता है। बॉडी मास इंडेक्स 20 से 25 के बीच रखना जरूरी है।
3. एक्सरसाइज
रोजाना 30-35 मिनट की ऐरोबिक एक्सरसाइज दिल की सेहत के लिए अच्छी मानी जाती है। रोजाना किया गया योग और मेडिटेशन तनाव को कम करने में सहायक है। एक्सरसाइज, योग या मेडिटेशन सभी नहीं कर पाएं तो किसी एक का नियमित अभ्यास जरूर करें।
4. पैदल ज्यादा चले
अगर योग और एक्सरसाइज के लिए आप नियमित रूप से वक्त नहीं निकाल पा रहे हैं तो खुद को शारीरिक रूप से सक्रिय रखें। लिफ्ट की बजाए सीढ़ियों का प्रयोग करें, गाड़ी दूर पार्क करके ऑफिस तक पैदल आएं। मार्केट जाने के लिए गाड़ियों के बजाए पैदल जाएं। खुद को सक्रिय रखने के लिए ऐसे ही छोटे-छोटे कई दूसरे काम किए जा सकते हैं।
5. तनाव को छू मंतर करें
तनाव दिल की बीमारियों का रिस्क बढ़ाता है। हर दूसरे दिन किसी न किसी बात के लिए तनाव रहता है, लेकिन इन पलों को ज्यादा लंबे समय तक न खिंचने दें। तनाव से निजात पाने के लिए दोस्तों से मिलें, सामाजिक बनें, स्थितियों को स्वीकारें, काम से छोटा ब्रेक लें।
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- फोटो : getty images
6. न तो स्मोकिंग करें और न ही स्मोकर के पास खड़े हों
दिल का खतरा बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार स्मोकिंग होती है। न तो स्मोकिंग करनी चाहिए और न ही स्मोकर के पास खड़े हों। दोनों में ही खतरे बराबर हैं। जरूरत से ज्यादा शराब पीने से ट्राइग्लिसरॉइड्स बढ़ सकते हैं। ट्राइग्लिसरॉइड्स खून में फैट की मात्रा होती है। ज्यादा अल्कोहल मोटापा, हार्ट फेलियर और हाई बीपी की वजह भी बन सकती है। इसी तरह धूम्रपान भी दिल के रोगों के लिए जिम्मेदार है।
7. पूरी नींद लेनी चाहिए
दिल की बीमारियों का एक कारण नींद का न आना भी है। नींद की कमी से ब्लड प्रेशर और कॉलेस्ट्रॉल पर असर पड़ता है। तनाव भी बढ़ता है, जो दिल के रोगों का कारण है। हालांकि नींद की जरूरत हर इंसान की अलग-अलग हो सकती है, फिर भी मोटे तौर पर 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना जरूरी है।
8. खुलकर हंसें
जो लोग खुलकर ठहाके लगाकर हंसते हैं, उन्हें दिल की बीमारियां कम होती हैं। ज्यादा हंसने वालों का रक्त प्रवाह अच्छा बना रहता है और आर्टरीज को कठोर होने से रोकता है। दिल का स्वास्थ्य बेहतर बनाए रखने के लिए ठहाकेदार हंसी और हमेशा खुश रहना एक अचूक नुस्खा माना जाता है।
9. फैमिली हिस्ट्री का ध्यान
अगर आपके परिवार में किसी को दिल की बीमारी रही है तो आपको ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है। आप अपने जींस को तो नहीं बदल सकते, लेकिन थोड़ा अलर्ट रहकर बीमारी को टाल जरूर सकते हैं। अपने डॉक्टर को फैमिली हिस्ट्री के बारे में बताएं और उनकी सलाह के मुताबिक लाइफ स्टाइल में बदलाव करें।
10. कार्डियोलाजी के पास जाएं
कई बार लोग सीने में दर्द, चक्कर आना या ऐसी ही दूसरी स्थितियों में लोग आमतौर पर डॉक्टर के पास नहीं जाते। कई बार लंबे समय तक यह पता ही नहीं चल पाता कि उन्हें दिल की बीमारी हो रही है। ऐसे में बेहतर यह है कि ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कॉलेस्ट्रॉल लेवल पर नजर रखी जाए।
1. ब्रेकफास्ट
ज्यादातर लोग मोटापे के डर से ब्रेकफास्ट नहीं करते। सच यह है कि ब्रेकफास्ट करने वाले, न करने वालों की तुलना में पतले होते हैं। इसलिए ब्रेकफास्ट बिल्कुल भी न छोडे़ं।
2. वीकेंड पर बाहर खाने का ट्रेंड
शहर में वीकेंड पर बाहन खाने का एक ट्रेंड बन गया है। भले ही हफ्ते भर हेल्दी डाइट लेते हो, लेकिन वीकेंड में बाहर खाना खाते हैं। इससे मोटापा बढ़ने के पूरे चांस होते हैं।
3. टीवी के सामने खाना
ज्यादातर लोग टीवी के सामने बैठकर खाते हैं। यह अच्छी आदत नहीं है, क्योंकि इससे ध्यान बंटता है और व्यक्ति को पता नहीं चलता कि वह कितना खा गया।
4. रात का खाना खास
भारतीय घरों में डिनर सबसे बड़ा मील होता है। रात को ज्यादा खाने से पचता नहीं और मोटापा बढ़ा देता है। रात का खाना हलका होना चाहिए। हो सके तो सलाद, एक चपाती या फिर सब्जियों से काम चला सकते हैं।
5. डिनर के बाद फौरन सोना
सोने से ठीक पहले खाना सेहत के लिए खतरनाक है। ऐसा करने वालों के शरीर में कैलरी बर्न नहीं हो पाती, जिसे बॉडी लॉक कहते हैं। ऐसे में मोटापा तेजी से बढ़ता है। रात में शरीर आराम में आ जाता है और कैलरी बर्न होने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
6. टेबल पर नमक रखना
मोटापा बढ़ाने में नमक की भी भूमिका होती है। टेबल पर नमक रखने की आदत आपके डाइट रिजीम को प्रभावित कर सकती है। नमक हाई ब्लड प्रेशर और खाने के स्वाद की वजह बनता है। इससे बचने के लिए नमक को खाने की टेबल से दूर रखें।
7. तेल का दोबारा इस्तेमाल
भारतीय घरों में तेल के दोबारा इस्तेमाल की आदत बेहद आम है। यह आदत सेहत के लिए खराब है। कितना भी अच्छा तेल क्यों न हो, एक बार इस्तेमाल के बाद वह खाने योग्य नहीं बचता। उसे इस्तेमाल न करें।
दिल की बीमारियों से बचने के लिए हफ्ते में पांच बार एक्सरसाइज करनी चाहिए। दो दिन से ज्यादा ब्रेक न हो। हेल्दी डाइट लें। ज्यादा तली चीजें नहीं खानी चाहिए। तकलीफ होने पर स्पेशलिस्ट डॉक्टर को दिखाएं।
- जीतराम कश्यप, कार्डियोलाजिस्ट जीएसमीएच 32