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Chandigarh News: यौन शोषण मामले में सजा के खिलाफ राम रहीम की अपील पर शुरू होगी सुनवाई

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चंडीगढ़। साध्वियों के यौन शोषण मामले में पंचकूला की अदालत द्वारा सुनाई गई 20 साल की सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट 7 साल बाद सुनवाई आरंभ करने जा रहा है। इससे पहले सजा के खिलाफ अपील को हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए एडमिट कर लिया था। राम रहीम ने अपील में सजा को चुनौती दी थी जबकि साध्वियों ने सजा बढ़ाकर उम्रकैद करने की मांग की थी। राम रहीम ने पंचकूला की अदालत द्वारा सुनाई गई 20 साल की सजा के आदेश को सात साल पहले हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अपील में उन्होंने कहा था कि सीबीआई अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों को सही प्रकार से जांचे बिना उसे दोषी ठहरा सजा सुना दी है। इस मामले में एफआईआर तीन वर्षों की देरी से दायर की गई और वह भी एक गुमनाम शिकायत पर। पीड़िता के बयान सीबीआई ने 6 वर्षों के बाद रिकॉर्ड किए थे। सीबीआई अदालत में सीबीआई ने दलील दी थी कि 1999 में यौन शोषण हुआ था लेकिन बयान वर्ष 2005 में दर्ज किये गए क्योंकि एफआईआर के समय शिकायतकर्ता ही नहीं थी। अपील में डेरा मुखी ने कहा कि सीबीआई की यह दलील कि पीड़िताओं पर कोई दबाव नहीं था गलत है, क्योंकि दोनों पीड़िता सीबीआई के संरक्षण में थी। ऐसे में उन पर सीबीआई का दबाव था। याची के पक्ष के साक्ष्य और गवाहों पर सीबीआई अदालत ने गौर ही नहीं किया। यहां तक कि सीबीआई ने डेरा मुखी के मेडिकल एग्जामिनेशन तक की जरुरत नहीं समझी। इन सभी आधारों को लेकर डेरा मुखी ने अपने खिलाफ सुनाई गई सजा को रद्द कर उसके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को खारिज करने की मांग की है। सात साल पहले हाईकोर्ट ने अपील को सुनवाई के लिए एडमिट किया था और अब इस मामले में सुनवाई आरंभ होने जा रही है।
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