मानेसर लैंड स्कैम मामले में कोर्ट में पेश हुए बीएस हुड्डा।
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में वकीलों और पुलिस के बीच झड़प मामले में सोमवार को जिला अदालत, पंचकूला के वकीलों ने भी वर्क सस्पेंड रखा। इस कारण मानेसर लैंड मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। हालांकि मामले के आरोपी हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत अन्य सभी आरोपी पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में पेशी पर पहुंचे थे, लेकिन आरोपों पर बहस के बजाय आरोपियों की केवल हाजिरी ही लगी। कोर्ट ने मामले की आगामी सुनवाई के लिए 20 नवंबर की तिथि निर्धारित की है।
मामले में इससे पहले आरोपी भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई थी। चार्जशीट में आरोपी हुड्डा के अलावा एमएल तायल, छतर सिंह, एसएस ढिल्लों, पूर्व डीटीपी जसवंत सहित कई बिल्डरों के नाम शामिल हैं। मानेसर जमीन घोटाले के संबंध में सीबीआई ने आरोपी हुड्डा समेत 34 आरोपियों के खिलाफ 17 सितंबर, 2015 को केस दर्ज किया था।
प्रवर्तन निदेशालय, ईडी ने भी आरोपी हुड्डा के खिलाफ सितंबर 2016 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। आरोप हैं कि अगस्त 2014 में गुड़गांव जिले में मानसेर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के किसानों और भू-मालिकों को जमीन अधिग्रहण का भय दिखाकर उनकी करीब 400 एकड़ जमीन औने-पौने दाम पर खरीद गई थी। आरोप हैं कि कांग्रेस की तत्कालीन हुड्डा सरकार के कार्यकाल में करीब नौ सौ एकड़ जमीन का अधिग्रहित कर उसे बिल्डरों को कम दाम पर बेचा गया था।