इसके बाद 12 जनवरी को नौदीप कौर सहित अन्य पर एफआईआर दर्ज कर नौदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी मां को गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। उसी दिन सीजेएम के समक्ष पेश कर मेडिकल करवाया गया। सीजेएम के समक्ष नौदीप ने मारपीट की कोई बात नहीं कही, जबकि बाद में सोशल मीडिया पर ऐसी बातें उठाई गईं। पुलिस ने यह भी कहा कि जांच के दौरान नौदीप कौर ने माना था कि वह उद्योगों से अपने साथियों के साथ मिल कर उगाही करती है।
शिव कुमार की अवैध हिरासत और उत्पीड़न के आरोपों को नकारा
16 जनवरी को गिरफ्तार संगठन के अध्यक्ष शिव कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सेक्टर 32 अस्पताल में हुई उसकी जांच की रिपोर्ट पेश की गई। इस दौरान पुलिस ने शिव कुमार द्वारा लगाए गए अवैध हिरासत और उत्पीड़न के आरोपों को सिरे से नकार दिया। हाईकोर्ट ने इस पूरी जानकारी को रिकॉर्ड में लेते हुए नौदीप कौर और शिव कुमार की मेडिको लीगल परीक्षण रिपोर्ट को क्रमश: 26 फरवरी और 16 मार्च को पेश करने का आदेश दिया। अब इन दोनों मामलों में अलग- अलग सुनवाई होगी।
मजदूर अधिकार संगठन के प्रधान शिव कुमार की जीएमसीएच -32 चंडीगढ़ में द्वारा पेश की गई रिपोर्ट ने हरियाणा पुलिस को सवालों के घेरे में ला दिया है। रिपोर्ट के अनुसार शिव कुमार की सभी चोटें उससे हुई मारपीट की ओर इशारा कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस वजह से उसकी हड्डी भी टूटी है।
वह पिछले एक माह से जेल में है। उसके पिता द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए पुलिस द्वारा बेटे पर ज्यादती करने की बात कही गई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर ही उसका मेडिकल करवाया गया था। सुनवाई के दौरान याची पक्ष की तरफ से कोर्ट से आग्रह किया गया कि शिव कुमार को जीएमसीएच -32 चंडीगढ़ में ही रखा जाए। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 16 मार्च तक टाल दी ।