चंडीगढ़। बढ़ती उम्र के साथ अस्पताल तक पहुंचना बुजुर्गों के लिए मुश्किल हो जाता है। ऐसे में चंडीगढ़ में अब स्वास्थ्य सेवाएं खुद वरिष्ठ नागरिकों के घर तक पहुंच रही हैं। जीएमएसएच-16 ने 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए घर-घर जेरियाट्रिक केयर के तहत मुफ्त मोबाइल स्वास्थ्य सेवा शुरू की है। वहीं, आयुष विभाग की ओर से चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्गों के लिए आयुर्वेद और होम्योपैथी उपचार की होम विजिट सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा जीएमसीएच-32 में एडल्ट एंड एल्डरली वैक्सीनेशन क्लिनिक शुरू किया गया है। इन तीनों पहलों का मकसद बुजुर्गों को इलाज के साथ देखभाल और गंभीर बीमारियों से पहले सुरक्षा देना है।
घर तक पहुंच रही डॉक्टरों की टीम
जीएमएसएच-16 की घर-घर जेरियाट्रिक केयर सेवा उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई है जो उम्र, कमजोरी या बीमारी के कारण अस्पताल नहीं पहुंच पाते। इसके लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस 4×4 मोबाइल एम्बुलेंस चलाई जा रही है। इसमें जरूरी दवाइयों के साथ ऑक्सीजन, बीपी और शुगर जांच के उपकरण उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों से फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से सलाह भी ली जा सकती है।
टीम में डॉक्टर सहित ये शामिल
मोबाइल यूनिट में डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट और फिजियोथेरेपिस्ट की टीम शामिल है। टीम घर पहुंचकर बुजुर्गों की जांच करती है, दवाइयां देती है और आगे के इलाज की सलाह देती है। घर पर डॉक्टर की सलाह और पर्ची के अलावा शुगर व ब्लड प्रेशर की जांच, घावों की ड्रेसिंग और चलने-फिरने में परेशानी होने पर फिजियोथेरेपी भी उपलब्ध कराई जाती है। गंभीर स्थिति में मरीज को अस्पताल भेजने या भर्ती करने का निर्णय लिया जाता है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सेवा शुरू होने के बाद से अब तक सैकड़ों बुजुर्गों को घर पर इलाज मिल चुका है। सहायता के लिए 0172-2782457 पर संपर्क किया जा सकता है।
आयुष डॉक्टर भी करेंगे होम विजिट
बुजुर्गों के लिए आयुष विभाग की पहल भी अहम है। इसके तहत चलने-फिरने में असमर्थ या अस्पताल तक नहीं पहुंच पाने वाले वरिष्ठ नागरिकों के घर डॉक्टरों की टीम पहुंच रही है। यहां आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक पद्धति से उपचार और परामर्श दिया जा रहा है। डॉक्टर दवा देने के साथ खानपान, दिनचर्या और योग के जरिए स्वस्थ रहने की सलाह भी दे रहे हैं। जोड़ों का दर्द, नींद की परेशानी, कब्ज, शुगर और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। आयुष विभाग का जोर इलाज के साथ स्वस्थ जीवनशैली और सम्मानजनक देखभाल पर भी है।
बीमारी का इंतजार नहीं, पहले टीका
तीसरी बड़ी पहल जीएमसीएच-32 में शुरू किया गया एडल्ट एंड एल्डरली वैक्सीनेशन क्लिनिक है। सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने रोटरी क्लब सेंट्रल के सहयोग से यह क्लिनिक स्थापित किया है। यहां इन्फ्लुएंजा (फ्लू), न्यूमोकोकल संक्रमण यानी निमोनिया, हेपेटाइटिस-ए और बी, टाइफाइड, टेटनस, शिंगल्स और एचपीवी से बचाव के लिए टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है। क्लिनिक वन-स्टॉप सेंटर के रूप में काम करेगा। व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और पहले लग चुके टीकों की जानकारी के आधार पर विशेषज्ञ सलाह देंगे और जरूरत के अनुसार वैक्सीनेशन किया जाएगा। बढ़ती उम्र में संक्रमण का खतरा बढ़ने के कारण समय पर टीकाकरण गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने की आशंका कम करने में मददगार हो सकता है।
तीन स्तर पर बुजुर्गों की सुरक्षा
चंडीगढ़ में शुरू की गई ये पहलें बुजुर्गों की सेहत को तीन स्तर पर मजबूत करती हैं—घर पहुंचकर इलाज और देखभाल, आयुष पद्धति से जीवनशैली व दीर्घकालिक स्वास्थ्य पर जोर और टीकाकरण के जरिए बीमारी से पहले सुरक्षा। यानी अस्पताल तक पहुंचना मुश्किल हो तो इलाज घर आएगा और संक्रमण का खतरा हो तो टीका पहले ही सुरक्षा कवच बनेगा।
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बुजुर्गों की मदद के लिए नंबर
घर पर जेरियाट्रिक केयर: 0172-2782457, 0172-2752043
होम्योपैथिक यूनिट: 98780-12234
आयुर्वेदिक यूनिट: 79986-38000
आपातकालीन मदद: 112