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पंजाब में 58 से 65 वर्ष हो सकती है डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु, सरकार कर रही विचार

Tue, 11 Jun 2019 02:01 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फाजिल्का (पंजाब)
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू - फोटो : अमर उजाला
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए पंजाब सरकार डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 58 से बढ़ाकर 65 साल करने पर विचार कर रही है।

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मंत्री सिद्धू ने पत्रकार वार्ता में कहा कि पिछली अकाली-भाजपा सरकार में डॉक्टरों को पहला वेतन स्केल देने के कारण डॉक्टरों में सरकारी नौकरी में आने का उत्साह कम हो गया था। इस वजह से अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी महसूस होने लगी थी। 

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पिछली सरकार के फैसले को पलटते हुए डॉक्टरों का वेतन बढ़ा दिया है। अब दोबारा नौजवान डॉक्टर सरकारी नौकरी की तरफ आने लगे हैं। डॉक्टरों की सेवामुक्ति की उम्र 58 से 65 साल करने के फैसले के पीछे एक उद्देश्य यह भी है कि पंजाब में डॉक्टरों की कमी नहीं आएगी।
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एक सवाल के जवाब में सेहत मंत्री ने एलान किया कि फाजिल्का में जल्दी ही विशेषज्ञ डॉक्टर भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह 11 जून को सेहत विभाग के अधिकारियों की पहली मीटिंग लेंगे। जिसमें प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, अस्पतालों की इमारतें और मेडिकल मशीनरी संबंधी सूचना एकत्रित की जाएगी। 

उन्होंने कहा कि फाजिल्का में अस्पताल और कैंसर अस्पताल का निर्माण पूरा होने पर यहां डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ तैनात कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों में निशुल्क मिलती जीवन रक्षक 236 दवाओं की उपलब्धता यकीनी बनाई जाएगी।

जिससे लोगों को सस्ता और बढ़िया इलाज मुहैया कराने की कांग्रेस सरकार की वचनबद्धता पूरी की जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की अस्पताल में हाजिरी यकीनी बनाने के लिए अचानक छापेमारी की जाएगी। 

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