सिविल अस्पताल में अत्याधुनिक कैथ लैब (हृदय अरोग्य केंद्र) का उद्घाटन स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने सोमवार को किया। इस लैब के खुलने के बाद अब पीजीआई से आधी कीमत पर अंबाला में स्टंट डल सकेंगे।
विज्ञापन
प्राइवेट-पब्लिक-पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर स्थापित इस कैथ लैब के लिए भवन, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई गई हैं जबकि अत्याधुनिक चार करोड़ रुपये की कैथ लैब मशीन सहित अन्य आवश्यक उपकरणों पर सात करोड़ रुपये की राशि मैडिट्रिना नामक कंपनी द्वारा खर्च की गई हैं।
मंत्री विज ने कहा कि अब किसी भी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों को पैसे की कमी में हृदय रोग के इलाज से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। अंबाला के बाद शीघ्र ही पंचकूला के सिविल अस्पताल में इस तरह की लैब स्थापित की जा रही है और उसके दो माह के बाद फरीदाबाद व गुरूग्राम के सिविल अस्पतालों में भी यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रथम चरण में इस सुविधा के लिए चार जिलों को चुना गया है और चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी 22 जिलों में हृदय अरोग्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस लैब पर पीजीआई चंडीगढ़ से आधी कीमत तथा निजी अस्पतालों से एक चौथाई कम कीमत पर स्टंट डाला जाएगा। इसके अलावा ईको, टीएमटी, होल्टर, इंजियोग्राफी इत्यादि टेस्ट भी सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगे।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल में पहला इंटरनेशनल कॉर्डियोलॉजी केंद्र
स्वास्थ्य मंत्री ने किया कैथ लैब का उद्घाटन
- फोटो : अमर उजाला
बीपीएल परिवारों और गरीब लोगों के लिए यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा अनुसूचित जाति के लोगों, अरोग्य कोष कार्ड धारकों के लिए यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के लोग भी अब मात्र 46 हजार रुपये में इस सुविधा का लाभ हासिल कर सकते हैं।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग हरियाणा के महानिदेशक डा. सतीश गुप्ता, एसडीएम सुभाष चंद्र सिहाग, सिविल सर्जन डा. विनोद गुप्ता, उपसिविल सर्जन डा. बिमला आनंद, मीडिया सलाहकार डा. अनिल दत्ता, नायब तहसीलदार कौशल, भाजपा नेता ललित चौधरी, मोहन लाल बग्गन, कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष अजय बवेजा, सुरेंद्र तिवारी, राजीव डिंपल, शैलेंद्र खन्ना शैली व अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
सिविल अस्पताल में पहला इंटरनेशनल कॉर्डियोलॉजी केंद्र : डा. प्रताप
मैडिट्रिना कंपनी के चिकित्सक और हृदय रोग विशेषज्ञ डा. प्रताप कुमार ने बताया कि देश में पहली बार किसी भी सिविल अस्पताल में खुलने वाला यह पहला इंटरनेशनल कॉर्डियोलॉजी केंद्र है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर एंजियोप्लास्टी के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज में लगभग एक लाख रुपये का खर्च आता है जबकि निजी अस्पतालों में यह खर्च दो लाख रुपये से अधिक है। छावनी में यह सुविधा मात्र 46 हजार रुपये में उपलब्ध करवाई जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने किया कैथ लैब का उद्घाटन
- फोटो : अमर उजाला
मस्तिष्क के स्ट्रोक से बचाने की एंजियोप्लास्टी की सुविधा भी होगी उपलब्ध
डा. प्रताप कुमार ने बताया कि इस कैथ लैब में स्टंट डालने के साथ-साथ मस्तिष्क के स्ट्रोक से बचाने के लिए की जाने वाली एंजियोप्लास्टी, नसों की ब्लॉकेज के कारण पैर कटने जैसी स्थिति से बचने के लिए पैरों की एंजियोप्लास्टी तथा रक्तचाप नियंत्रण के लिए गुर्दों की धमनियों की एंजियोप्लास्टी की सुविधा भी इस केंद्र पर उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा इस केंद्र पर ईको, टीएमटी, होल्टर, इंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, स्टेंडरी प्लास्टरी, पेसमेकर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
विश्व में हृदय रोग के कारण 12 प्रतिशत लोगों की होती है मृत्यु
डा. प्रताप कुमार ने बताया कि विश्व में लगभग 12 प्रतिशत लोगों की मृत्यु हर्ट अटैक आने पर तीन घंटे के अंदर इलाज की सुविधा न मिल पाने के कारण होती है। हार्ट अटैक के मरीज के जीवन रक्षा के लिए एंजियोप्लास्टी सबसे ज्यादा मानी गई तकनीक है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां के स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल अस्पताल में इस तरह की सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रयास किया है।