अन्य खाद्य तेलों की तुलना में राइसब्रान ऑयल आदमी को अधिक स्वस्थ रखता है। इस कुकिंग ऑयल से शरीर में बैड कॉलेस्ट्रोल लेवल में कमी लाई जा सकती है।
इसका खुलासा एम्स, भुवनेश्वर के फार्माकोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. देबाशिश होता की रिसर्च में हुआ है। डॉ. होता ने शुक्रवार को होटल शिवालिक व्यू में प्रेस कांफ्रेंस में अपनी रिसर्च पेश की। डॉ. होता पहले पीजीआई, चंडीगढ़ में फॉर्माकोलॉजी विभाग प्रमुख रहे हैं।
डॉ. होता ने बताया कि यह स्टडी उन्होंने सितंबर 2012 से जून 2013 तक 120 लोगों पर की। इनमें उन लोगों को शामिल किया गया जिनका एलडीसी कॉलेस्ट्रोल लेवल 130 मिलीग्राम से ज्यादा था।
इनमें वो लोग भी थो जो काफी समय से शराब का नियमित सेवन कर रहे थे, सिगरेट पीने के आदी, हफ्ते में दो बार बाहर का खाना खाने के आदी और प्रेग्नेंट वुमन को भी स्टडी में शामिल किया गया।
यह स्टडी तीन महीनों तक हुई और इन लोगों को अलग-अलग कुकिंग ऑयल इस्तेमाल करने को कहा गया। तीन महीनों बाद देखा गया कि राइसब्रान कुकिंग ऑयल इस्तेमाल करने वालों का एलडीसी कॉलेस्ट्रोल लेवल अन्य खाद्य तेल इस्तेमाल करने वालों के मुकाबले ज्यादा कम हुआ है।
बढ़ रही मांग
साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक डॉ. बीवी मेहता ने बताया कि राइसब्रान ऑयल की मांग बढ़ रही है।
जापान, कोरिया, ताईवान और थाइलैंड जैसे देशों में प्रीमियम खाद्य तेल के रूप में राइसब्रान ऑयल का उपयोग किया जा रहा है। जापान में यह हार्ट ऑयल के रूप भी जाना जाता है।
यूएस मार्केट में भी इस तेल को हेल्थ फूड का दर्जा दिया गया है। भारतीय बाजारों में भी राइसब्रान ऑयल की मांग बढ़ने लगी है।