गैंगस्टर हैरी मजीठिया की ओर से डाली पोस्ट तथा एक वीडियो वायरल होने पर एसएसपी गुरदासपुर ने ड्यूटी पर लापरवाही बरतने के आरोप में हेड कांस्टेबल जतिंदर सिंह को मुअत्तल कर दिया। जबकि दूसरे आरोपी इंस्पेक्टर राजिंदर कुमार पर कार्रवाई करने के लिए बॉर्डर रेंज के आईजी को भेजा गया। जहां आईजी एसपीएस परमार ने इंस्पेक्टर राजिंदर कुमार को जबरन रिटायर कर दिया। हालांकि अभी राजिंदर कुमार की सात महीने की सेवा बाकी थी।
प्रेसवार्ता में एसएसपी हरचरण सिंह भुल्लर ने बताया कि 14 जून 2018 को उन्हें पता चला कि आदित्य महाजन नामक तस्कर की राजिंदर कुमार तथा जतिंदर सिंह मदद करते थे। जिसके चलते उन्होंने पहले तो इन्हें लाइन हाजिर किया। बाद में एक एसपी तथा दो डीएसपी की एसआईटी बनाकर उन्हें जांच सौंपी गई। जांच के दौरान जेल में बंद आदित्य महाजन उर्फ जीता को प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया और पूछताछ की गई। जिसके आधार पर राजिंदर कुमार तथा जतिंदर सिंह दोषी पाए गए। जांच में पाया गया कि जतिंदर कुमार तस्कर जीता को लंबे समय से जानता था।
आदित्य तस्करी का काम करता है यह जतिंदर सिंह को पता था। लेकिन इन्होंने उसे पकड़ने की बजाय उसकी सहायता कर ड्यूटी में कोताही बरती। जिसके चलते उन्होंने तत्काल हेड कांस्टेबल जतिंदर सिंह को बर्खास्त कर दिया। इसके साथ आईजी बार्डर रेंज को राजिंदर कुमार पर कार्रवाई करने के लिए कहा तो उसे जबरन रिटायर कर दिया। एसएसपी ने कहा कि हमें इस संबंध में पहले से शक था जिसके आधार पर एसआईटी बनाई गई। उन्होंने कहा कि किसी भी पुलिस कर्मचारी को नशा तस्करी में साथ देने या ड्यूटी पर लापरवाही बरतने पर कड़ी सजा दी जाएगी।
बता दें कि गैंगस्टर हैरी मजीठिया ने भी फेसबुक पर एक पोस्ट डाल कर सोशल साइट फेसबुक पर हंगामा मचा दिया था। उसके अनुसार यह दोनों पुलिस अधिकारी पहले तो जीते को अपने सूत्र बनाकर अपना काम निकालते रहे। जब उसने नशा तस्करी का काम शुरू किया तो भी इनकी ही शह पर किया। काम निकल जाने के बाद उसे जेल में बंद करवा दिया गया।