मामला एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल के ध्यान में लाने पर एसएसपी ने सीआईए स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर तिरलोचन सिंह समेत पुलिस टीम को मौके पर जाकर आरोपी को गिरफ्तार करने को कहा। रात करीब साढे़ 12 बजे जब सीआईए स्टाफ टीम आरोपी को गिरफ्तार करने घर पहुंची तो आरोपी ने छत से पुलिस टीम पर राइफल से फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग के दौरान सीआईए स्टाफ के हवलदार व पूर्व फौजी जगमोहन सिंह ने जब आरोपी के घर में घुसकर छत पर चढ़ने का प्रयास किया तो सीढ़ियां चढ़ने से पहले ही आरोपी गुरविंदर सिंह ने हवलदार जगमोहन सिंह की छाती पर गोली मार दी, जिसके चलते मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी गुरविंदर सिंह ने सीआईए प्रभारी तिरलोचन सिंह व एक हवलदार वेदम सिंह पर भी गोलियां चलाई, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने 12 बोर की राइफल से 100 के करीब फायर किए गए, जबकि पुलिस की ओर से भी करीब 80 फायर किए जाने की सूचना है। दोनों घायल पुलिस कर्मचारियों को लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। वहीं पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी गुरविंदर सिंह की दोनों टांगों और पेट में गोली लगी है। वहीं, मामला हद से बाहर होते देख एसएसपी हरमनबीर सिंह गिल ने सुबह करीब चार बजे पटियाला से कमांडो को बुलाया।
कमांडो के आने से पहले ही आरोपी गुरविंदर अपनी मां को गन प्वाइंट पर लेकर अपनी सफारी गाड़ी से मौके से फरार हो गया। आरोपी गांव दौलतपुरा नींवा के पास पहुंचा तो घायल होने के कारण गाड़ी नहीं चला पाया। इसके बाद आरोपी ने 108 एंबुलेंस पर फोन किया और कहा कि उसका एक्सीडेंट हो गया है और जल्द उपचार मुहैया करवाया जाए।
मंगलवार सुबह करीब साढे़ सात बजे जब 108 एंबुलेंस गुरविंदर सिंह को लेकर सिविल अस्पताल मोगा पहुंची तो सिविल अस्पताल में तैनात पुलिस कर्मियों समेत मीडियाकर्मियों ने आरोपी को पहचान लिया। इसके बाद सिविल अस्पताल में विशेष पुलिस टीम को बुलाया गया और पुलिस ने आरोपी गुरविंदर को सिविल अस्पताल से अपनी कस्टडी में ले लिया। कुछ समय बाद गंभीर घायल होने के चलते सिविल अस्पताल से आरोपी गुरविंदर सिंह को फरीदकोट रेफर कर दिया गया।