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Chandigarh: सरकारी स्कूलों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का आरोपी पांचवीं पास, अब उठ रहे ये सवाल

Mon, 06 May 2024 04:37 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो प्रियंका ठाकुर, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में सफाईकर्मी और कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ठगे गए थे। राम दरबार निवासी आरोपी ठेकेदार राजीव उर्फ राजू लोगों से नौकरी के नाम पर मोटी रकम रिश्वत के रूप में लेता था। 
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Chandigarh Fraud - फोटो : Istock
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विस्तार
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चंडीगढ़ में पढ़े-लिखों को सरकारी स्कूल में नौकरी दिलाने की ठगी करने वाला ठेकेदार राजीव खुद पांचवीं पास है और उसकी सहयोगी महिला चंदा अनपढ़। ऐसे में कैसे इन दोनों ने फर्जीवाड़े को अंजाम दिया, इस पर सवाल उठ रहे हैं। 

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इन दोनों ने सफाई कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर के अलावा सुपरवाइजर की नौकरी देने के लिए भी लोगों से पैसे ठगे। पार्षद के साथ यूनियन नेताओं ने भी इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका जताई है।

बीते मंगलवार को धनास के स्कूल में लोगों की ओर से ठेकेदार को घेरे जाने पर उसने बताया था कि वह पांचवीं पास है, जबकि चंदा ने खुद को अनपढ़ बताया था। नवंबर-दिसंबर महीने से ठेकेदार ने किसी से नौकरी के लिए 40 हजार लिए तो किसी से 55 हजार रुपये। चार फरवरी को धनास निवासी सुशील ने ठेकेदार राजीव को सुपरवाइजर की नौकरी के लिए 40 हजार रुपये दिए और वहीं 22 फरवरी को इसी नौकरी के लिए राजेंद्र ने 55 हजार रुपये दिए। ठेकेदार ने पैसे एक नहीं बल्कि अलग-अलग खाते में डलवाए। गूगल पे पर राजीव, पेटीएम पर राजू और राज दीप के नाम पर भी लोगों ने ऑनलाइन पैसे दिए हैं। किसी ने पांच हजार किस्त भर-भर कर पैसे दिए तो किसी ने एक बार में ही सारी रकम अदा कर दी।
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सारंगपुर में अब तक 188 लोगों की शिकायत दर्ज
फर्जीवाड़े में अब तक सिर्फ सारंगपुर थाने में ही 188 लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई है। इसके अलावा अन्य थानों में कितने मामले आए हैं, कहां-कहां से लोगों ने शिकायत दर्ज की है, कितने करोड़ का घपला है, इन सबकी पुलिस विभाग की ओर से कोई जानकारी साझा नहीं की गई। एसएसपी कंवरदीप कौर को मामले में संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। शिक्षा विभाग पर बिना स्कूल प्रमुखों की बात सुने उन्हें निलंबित करने पर लगाए जा रहे आरोप पर स्कूल शिक्षा निदेशक हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ ने कहा कि मामले में उचित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है और गठित समिति की ओर से जांच जारी है।

गहने गिरवी रख कर दिए थे पैसे, नौकरी भी छोड़ दी
गहने गिरवी रखकर सुपरवाइजर की नौकरी के लिए ठेकेदार को 55 हजार रुपये दिए थे। इससे पहले मोहाली फेज-8बी में 14 हजार रुपये की नौकरी कर रहा था। जब घर के पास में सरकारी स्कूल में नौकरी को सुना तो उसके लिए पूछा। ठेकेदार ने 55 हजार मांगे और बोला कि 16000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। घर के पास काम मिल रहा था तो गहने गिरवी रखकर एक बार में सारे पैसे दे दिए और अब पता चला कि हमारे साथ उसने ठगी की। - राजेंद्र, धनास निवासी

फरवरी में सुपरवाइजर के लिए दिए 50 हजार रुपये
सुपरवाइजर की नौकरी के लिए आठ फरवरी को 50 हजार रुपये दिए थे। परिवार के अन्य सदस्यों ने भी नौकरी के लिए पैसे दिए थे। पहले मार्च में ज्वाइनिंग के लिए बोला था पर फिर ठेकेदार लगातार तारीख आगे बढ़ाता रहा। मुझे डड्डूमाजरा के स्कूल में नौकरी देने को बताया था। परिवार में चाची और मामा ने भी नौकरी के लिए आवेदन किया था। इसमें आरसी-2 धनास के शिक्षक रवि के भी शामिल होने की आशंका है जो ठेकेदार से घंटों बातें किया करता था। - सूरज, धनास निवासी

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