हरियाणा में जजों की नियुक्ति के लिए आयोजित एचसीएस (ज्यूडीशियल) परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में हाईकोर्ट ने एसआईटी को एक चेतावनी दी है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एसआईटी से कहा है कि जांच की जानकारी मीडिया में लीक न हो। इस दौरान एसआईटी ने हाईकोर्ट को बताया कि आरोपी हाईकोर्ट के निलंबित रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) बलविंदर कुमार शर्मा और पेपर टॉपर सुनीता से पूछताछ कर ली गई है और चालान भी पेश किया जा चुका है।
एसआईटी ने हाईकोर्ट को बताया कि पेपर लीक मामले में कुछ और सुराग मिले हैं तथा नए नाम सामने आए हैं। इस सब को लेकर आगे जांच की जा रही है। एसआईटी ने इसको आधार बनाते हुए जांच को पूरा करने के लिए हाईकोर्ट से कुछ और समय देने की अपील की। इस जानकारी को रिकॉर्ड में लेते हुए जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस राजन गुप्ता एवं जस्टिस जीएस संधावालिया की फुल बेंच ने एसआईटी को यह मोहलत को दे दी, परंतु जांच की रिपोर्ट के अंश मीडिया में आने पर आपत्ति जताते हुए अधिकारियों को इससे बचने के निर्देश दिए।
एसआईटी ने कहा कि निचली अदालत में मामले की सुनवाई 15 जनवरी को है, इसके बाद हाईकोर्ट में जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी। हाईकोर्ट ने इस पर मामले की सुनवाई 19 जनवरी तक स्थगित कर दी।
यह है मामला
16 जुलाई को आयोजित एचसीएस (जुडीशियल) पेपर लीक मामले की जांच को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एसआईटी बनाई थी। यूटी पुलिस के एसपी (क्राइम एंड इन्वेस्टिगेशन) रवि कुमार सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यों वाली एसआईटी में डीएसपी (सिक्योरिटी एंड इन्वेस्टिगेशन) कृष्ण कुमार और इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी शामिल हैं। यह परीक्षा हाईकोर्ट लेता है इसलिए हाईकोर्ट पर ही सवाल उठाए गए थे।
मामले में सिंगल जज के समक्ष सुनवाई हो रही थी लेकिन बाद में तीन जजों की फुल बेंच का गठन कर सुनवाई हुई। फुल बेंच ने ही बलविंदर शर्मा और सुनीता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर एसआईटी से जांच के आदेश दिए थे। रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) के पद से बलविंदर शर्मा को निलंबित कर दिया गया था। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान ले लिया लेकिन बाद में वापस यह मामला हाईकोर्ट को भेज दिया।