एचसीएस पेपर लीक केस में दो महिलाएं पकड़ी गई हैं, जिन्होंने पुलिस पूछताछ में कई अहम खुलासे किए। पुलिस ने बीच की कड़ी मोबाइल भी बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरक्षित वर्ग की टॉपर और पंचकूला निवासी एडवोकेट सुशीला ने सुनीता के कहने पर अपना मोबाइल फोन तोड़ा था। पुलिस ने यह फोन रिकवर कर लिया है। वहीं, आरोपी ने पेपर के बदले पैसे देने के लिए पिंजौर में एक प्लॉट बेचा था। इससे संबंधित दस्तावेज और अन्य कागजात रिकवर करने के लिए पुलिस को आरोपी को चरखी दादरी लेकर जाना है।
उक्त दलीलों के साथ सरकारी वकील ने आरोपी सुशीला का अदालत से चार दिन का रिमांड मांगा। अदालत ने सरकारी वकील की दलीलें सुनने के बाद सुशीला की रिमांड अवधि दो दिन और बढ़ा दी। इससे पहले स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने सुशीला को रविवार को गिरफ्तार कर उसे अदालत में पेश कर दो दिन का रिमांड हासिल किया था। मंगलवार को एसआईटी ने दो दिन का रिमांड समाप्त होने पर सुशीला को अदालत में पेश किया। अदालत में सरकारी वकील ने सुशीला का चार दिन का रिमांड मांगा।
सरकारी वकील ने दलील दी कि सुशीला ने एविडेंस एक्ट 27 के तहत पुलिस को दिए बयान में कहा है कि उसने सुनीता के कहने पर अपना मोबाइल फोन तोड़ दिया था। क्योंकि उस फोन में सुनीता और सुशीला के बीच पेपर लीक के बाद की कई कॉल रिकार्डिंग थी। फोन तोड़ने के बाद उसने इसे पंचकूला सेक्टर-5 स्थित घर पर ही रख दिया था। इसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। वहीं, 16 जनवरी को जांच टीम को दिए बयान में सुशीला ने कहा कि एचसीएस पेपर और आंसर शीट के बदले पैसे चुकाने के लिए उसने पिंजौर में अपना प्लॉट बेचा था। इससे जुड़े दस्तावेज हरियाणा के चरखी दादरी स्थित उसके मायके में रखे हैं।
पुलिस को वह कागजात रिकवर करने के लिए आरोपी को वहां लेकर जाना है। इस आधार पर उसका चार दिन का रिमांड मांगा गया। वहीं सुशीला ने अदालत में इससे इनकार करते हुए कहा कि मायकेवालों से उसकी पिछले कई वर्षों से कोई बातचीत नहीं है। चरखी दादरी में अब कोई रहता भी नहीं है। उसने पुलिस की रिमांड के लिए दी दलील का खंडन किया। अदालत ने दोनों पक्षों दी दलीलें सुनने के बाद सुशीला की रिमांड अवधि दो दिन के लिए और बढ़ा दी है।
सुशीला का फोन सीएफएसएल भेजा
10 जुलाई 2017 को सुनीता के हाथ पेपर आने के अगले ही दिन उसने सुशीला को पेपर दिखा दिया था। सुनीता ने सुशीला से चार पांच ऐसे कैंडीडेट तलाशने को कहा था जो एक से 1.5 करोड़ रुपये में पेपर खरीद सकें। इसके बाद से पेपर होने तक सुनीता और सुशीला के बीच रोजाना कई बार बातचीत हुई। ये सारी रिकार्डिंग सुशीला ने अपने मोबाइल में रिकार्ड की हुई थी। हाईकोर्ट में पेपर लीक होने को लेकर याचिका दायर होने के बाद सुनीता ने सुशीला को अपना फोन तोड़ने को कहा था। इस फोन को स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम ने आरोपी के पंचकूला स्थित घर से रिकवर कर लिया है। फिलहाल इसे जांच के लिए सीएफएसएल भेजा गया है।
सुनीता को सौंपी चालान की कॉपी
पेपर लीक मामले की मुख्य आरोपी और सामान्य वर्ग की टॉपर रही सुनीता और हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. बलविंदर कुमार शर्मा के खिलाफ एसआईटी चार्जशीट दायर कर चुकी है। अदालत की ओर से सुनीता को इसकी कॉपी सौंप दी गई है। वहीं, डॉ. शर्मा को बुधवार को चार्जशीट की कॉपी सौंपी जाएगी। बुधवार को सुनीता की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होनी है।
सुमन ने वॉयस सैंपल के लिए दी अनुमति
केस में शिकायतकर्ता और हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाली पंचकूला निवासी सुमन ने अदालत में उसके वॉयस सैंपल के लिए अनुमति दे दी है। इससे पहले दिसंबर में पुलिस ने सुमन, सुनीता और सुशीला के वॉयस सैंपल के लिए याचिका दायर की थी। इस पर अदालत ने तीनों पक्षों से जवाब दाखिल करने को कहा था। सुमन की अनुमति आने के बाद सुनीता की ओर से बुधवार को ही जवाब दाखिल होने की उम्मीद है। वहीं, सुशीला अभी पुलिस रिमांड पर है तो उसकी ओर से जवाब आना शेष है।