डेढ़ करोड़ में एचसीएस (जूडीशियल) परीक्षा का पेपर बेचे जाने के मामले में मुख्य आरोपी हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) बलविंदर कुमार शर्मा को बड़ी राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। उनके साथ ही इस पेपर में सामान्य वर्ग की टॉपर सुनीता और आरक्षित वर्ग की टॉपर सुशीला समेत एक अन्य आरोपी सुनील कुमार उर्फ टीटू को भी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सशर्त अंतरिम जमानत दे दी है।
जमानत देते हुए चेतावनी भी दी गई है कि इस केस की जांच और गवाहों की प्रभावित करने की कोई शिकायत आए तो जांच एजेंसी हाईकोर्ट को सूचित करे। पांच जजों की फुल बेंच ने जमानत देते हुए कहा कि बेशक एफआईआर संगीन आरोप हैं, लेकिन जांच जारी है और महत्वपूर्ण मोड़ पर है। हम जांच की निगरानी कर रहे हैं। लेकिन यह बात ध्यान रखना भी जरूरी है कि कोई टिप्पणी न की जाए जिससे प्रोसिक्यूशन या आरोपियों के मन में कोई धारणा बने। कोर्ट ने कहा कि चारों को जमानत की सभी शर्त माननी होगी और कोई आरोपी देश छोड़ कर बाहर न जाए इसके लिए इनके पासपोर्ट जमा करवाने के आदेश दे दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी और ट्रायल कोर्ट का चारों को सहयोग करना होगा।
बलविंदर पर फोकस
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (विजिलेंस) ने गत वर्ष सौंपी जाँच रिपोर्ट में कहा था कि प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्न पत्र की सेटिंग से लेकर प्रश्न पत्र बांटे जाने तक की प्रक्रिया में डा बलविंदर कुमार शर्मा शामिल थे। पेपर सेट होने के बाद से तय परीक्षा पेपर शर्मा के पास पैन ड्राइव में थे। ऐसे में हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए शर्मा को चेतावनी दी कि वे हाईकोर्ट के रिक्रूटमेंट सेल के किसी भी स्टाफ से संपर्क नहीं करेंगे।
यह था मामला
हरियाणा में जजों की नियुक्ति के लिए एचसीएस जूडीशियल की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद एक आवेदक ने शिकायत देते हुए बताया कि परीक्षा का पेपर डेढ़ करोड़ में बिक रहा था और इसकी ऑडियो रिकार्डिंग भी थी। मामले पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सुनवाई आरंभ की थी और फिर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। इसके बाद वापस पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट भेज दिया गया। इसी बीच चार आरोपियों की जमानत निचली कोर्ट से खारिज हुई जिसे पांच जजों की फुल बेंच ने सुनने का फैसला लिया। अब चारों की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने सशर्त मंजूरी दे दी है।