हरियाणा में संगठित अपराध, नशा तस्कर व गैंगस्टर के खिलाफ एक बड़ा हथियार के रूप में ‘हकोका’ को सदन में हरी झंडी मिल गई है। इस संदर्भ में मंगलवार को हरियाणा संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक, 2019 पारित किया गया। दरअसल, हरियाणा राज्य में संगठित अपराध की उभरती स्थिति के मद्देनजर सरकार ने यह निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि यह अनिवार्य हो गया है कि राज्य में इसी प्रकार का कानून लागू किया जाए, जो गैंगस्टर्स, उनके मुखियाओं और संगठित आपराधिक गिरोहों के सदस्यों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करता हो।
सरकार के अनुसार यह नीति निर्माताओं और आंतरिक सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय है कि इस तरह की आपराधिक गतिविधियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए कड़े कानून की आवश्यकता है। कुछ राज्यों में पहले ही विशेष कानून बनाए गए हैं। महाराष्ट्र राज्य ने 1999 में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम लागू किया था, जिसे बाद में दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ने भी अपनाया। उत्तरप्रदेश, गुजरात और कर्नाटक राज्य ने भी अपने संबंधित अधिनियम बनाए हैं।
इस तरह के मजबूत कानून के द्वारा अपराधियों के खिलाफ ठोस और निवारक कार्रवाई करने के लिए पुलिस को सशक्त बनाया जाएगा। ऐसे अपराधों की आय से अर्जित संपत्ति को जब्त करने और सरकार के अनुसार इस अधिनियम के तहत अपराधों के मुकद्दमो से निपटने के लिए विशेष अदालतों और विशेष अभियोजकों की व्यवस्था करने के लिए विशेष प्रावधानों को भी लागू करने की आवश्यकता महसूस की गई है।