बस में वेंडिंग के लिए घुसे व्यक्ति या बिना टिकट सफर करने वालों को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उनके साथ घटी किसी दुर्घटना के लिए केवल वाहन मालिक और चालक जिम्मेदार होंगे। वाहन का बीमा करने वाली कंपनी जिम्मेदार नहीं है क्योंकि वे अधिकृत सवारी की परिभाषा में फिट नहीं होते हैं। केवल टिकट लेकर यात्रा करने वाला ही अधिकृत पैसेंजर है।
मामला हिसार में हुई एक दुर्घटना से जुड़ा है, जिसमें अखबार के एक हॉकर की बस के नीचे आने से मौत हो गई थी। अमरनाथ नामक व्यक्ति 14 दिसंबर 2011 को बस से उतरते हुए उसके पिछले टायर के नीचे आ गया था। उसके परिजनों ने मुआवजे के लिए मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल में याचिका दाखिल की।
याचिका पर मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल ने वाहन मालिक और चालक को जिम्मेदार ठहराते हुए 5 लाख 20 हजार रुपये मुआवजा तय किया। इसके बाद वाहन मालिकों और पीड़ित पक्ष दोनों ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। जहां वाहन मालिक और ड्राइवर को हाईकोर्ट ने कोई राहत नहीं दी, वहीं पीड़ित पक्ष को राहत देते हुए मुआवजा राशि 5 लाख 50 हजार 120 रुपये कर दी।