दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज का मामला अब 174 सीआरपीसी और पंजाब पुलिस रूल 1934 के नियम 29.31 पर टिक गया है।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को सुझाव दिया कि अभी तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और न ही इस मामले की कोई जांच चल रही है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीआरपीसी 174 के तहत पुलिस अधिकारी अपने स्तर पर कार्रवाई कर सकता है और मौत के कारणों को जान सकता है। वहीं पंजाब पुलिस रूल 29.31 के तहत मामले पर जांच बैठाई जा सकती है ताकि ये पता चल पाए कि मौत जहर देने के कारण, हिंसा या फिर दूसरे कारणों से हुई है।
हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रियल जांच भी हो सकती है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई के दौरान वह कोर्ट के इन सुझावों पर अपनी दलीलें पेश करे।
वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट ने याची पक्ष को भी निर्देश दिया कि वह याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर अपनी बहस पूरी करे। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च निर्धारित की गई है।