गुरदासपुर में कचहरी परिसर में बुधवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब एक हवालाती ने हथकड़ी खुलते ही तीसरी मंजिल से छलांग लगा कर आत्महत्या कर ली गई। हवालाती पर एनडीपीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज था। मृतक के भाई व परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने नाजायज केस दर्ज किया था।
एसएसपी स्वर्णदीप सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले युवक को एक महिला तस्कर की ओर से उसका नाम लेने के बाद उसे नशीला पदार्थ बरामद कर उस पर 5 अक्तूबर को मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। युवक की एक दिन की रिमांड खत्म होने के उपरांत दूसरी बार रिमांड लेने के लिए अदालत ले जाया गया। वहां उसने तीसरे मंजिल से छलांग लगा दी।
मृतक हवालाती की पहचान सुखदेव सिंह पुत्र बलवंत सिंह निवासी पम्गाली कलां मजीठा अमृतसर के रुप में हुई। सुखदेव सिंह पर थाना कलानौर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। उसे सब इंस्पेक्टर बलबीर सिंह की ओर से सिविल जज अमनदीप सिंह की अदालत में रिमांड के लिए लाया गया। वहां पर उसने एकदम से छलांग लगा कर आत्महत्या कर ली।
घटना की सूचना मिलने के एसएसपी स्वर्णदीप सिंह मौके पर पहुंचे और जानकारी एकत्र की। इस सारी घटनाक्रम में 108 एंबुलेंस की कार्यप्रणाली पर प्रशनचिन्ह लगा क्योंकि परिजनों, पुलिस व आम लोगों की ओर से बार बार फोन करने के बावजूद एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। वह करीब एक घंटे तक तड़पता रहा और तड़प तड़प कर उसकी मौत हो गई। पुलिस कर्मचारियों ने अपनी निजी गाड़ी से उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।