चंडीगढ़। अपराध शाखा ने एक करोड़ के वेतन घोटाले मामले में चंडीगढ़ पुलिस के हवलदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान वरिंद्र कुमार के रूप में हुई है। वर्तमान में वह सीआईडी में तैनात था। पुलिस ने मंगलवार को आरोपी को अदालत में पेश करेगी। सूत्रों के अनुसार वरिंदर कुमार के साथ सिपाही सविंदर को भी हिरासत में लिया गया है। इस मामले में इससे पहले चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। चारों आरोपी लंबे समय से जेल में है। इनमें वेतन विभाग के तत्कालीन प्रभारी जूनियर असिस्टेंट बलविंदर सिंह, हवलदार वेद प्रकाश, हवलदार नरेश कुमार और होमगार्ड सुरजीत शामिल हैं। वहीं होमगार्ड सुरजीत बलविंदर के साथ ड्यूटी करता था। सूत्रों ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों को उनके घर से पकड़ा गया है। इस मामले में कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
सूत्रों ने बताया कि घोटाले के दौरान वरिंद्र कुमार वेतन विभाग में तैनात था। वह ऑनलाइन बिलिंग का काम करता था। विभाग की और से खरीदे जाने वाले सामान के लेन देन को लेकर ऑनलाइन बिलिंग करता था। इसके अलावा वह पुलिसकर्मियों का एरियर भी बनाता था। सूत्रों ने बताया कि सैलेरी घोटाले का खुलासा होने के बाद वरिंद्र कुमार की प्रमोशन भी रुकी हुई थी। वरिंद्र कुमार ने एएसआई बनना था। अपराध शाखा आरोपी से पूछताछ करने में जुटी हुई है। सूत्रों के अनुसार आरोपी मुलाजिमों के खातों में ज्यादा सैलरी डालने के बाद उनसे बाकी की रकम अपने खातों में जमा करा लेते थे। इस मामले में करीब एक करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ था। सूत्रों के अनुसार इस मामले में ओर भी गिरफ्तारी हो सकती है।