इसके बाद मौके पर आए सात-आठ पुलिस कर्मचारी दोनों पीड़ितों को पकड़कर थाने ले गए। वहां भी उन्हें पीटा गया। बाद में उनसे जबरदस्ती राजीनामा लिखवाकर छोड़ दिया गया। इसके बाद युवाओं ने इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत मान और डीजीपी गौरव यादव को शिकायत दी। इसके साथ ही यह मामला मीडिया तक पहुंच गया।
अब देखो पंजाब पुलिस की सेवा क्या होती है
पीड़ितों ने बताया कि उन्हें छह पुलिस मुलाजिम पार्क से उठाकर सीधे थाने ले गए। वहां पर उन्हें बेरहमी से पीटा गया। उनका कहना था कि देखो पंजाब पुलिस की सेवा क्या होती है। इस दौरान पुलिस मुलाजिमों के डंडे तक टूट गए। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने अपने मोबाइल तक आरोपियों को सौंप दिया था। उन्होंने टूटे हुए डंडे भी दिखाए।
निजी गाड़ी में थाने लेकर गए थे
डीएसपी सिटी हरसिमरन सिंह बल ने बताया कि यह बात भी साफ हुई है कि पीड़ित लड़कों को निजी गाड़ी में लेकर आए थे। ड्यूटी अफसर भी मौके पर मौजूद थे। उन्होंने अन्य पुलिस मुलाजिमों को हिदायत दी है कि वे जनता के साथ अच्छे तरीके से पेश आएं।