जीएसटीआर-थ्रीबी यानी मासिक रिटर्न दाखिल करने में यूटी के आबकारी व कराधान विभाग ने इस बार भी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है। वित्तीय वर्ष साल 2019-20 में 99.25 फीसदी रिटर्न भरी गई। इससे पहले साल 2017-18 व 2018-19 में 100 फीसदी रिटर्न फाइल की गई थी।
यूटी प्रशासन की ओर से बताया गया है कि लगातार तीन साल चंडीगढ़ रिटर्न फाइल करने में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल रहा है। यह सब टीम वर्क की वजह से संभव हो पाया है। जनवरी में यूटी के फाइनेंस सेक्रेटरी आईएएस एके सिन्हा के नेतृत्व में मिशन 100 फीसदी लांच किया गया था। इसका मकसद 100 फीसदी रिटर्न का अनुपालन करना था।
इस मिशन के तहत डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने निगरानी रखी है। साथ ही ट्रेड व इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ मीटिंग की। डिपार्टमेंट के अधिकारियों का उत्साह बढ़ाया और लक्ष्य की प्राप्ति की। व्यापारियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क स्थापित की गई। इसमें व्यापारियों की हर सवालों का जवाब दिया गया।
इससे रिटर्न फाइल करने में आसानी हुई। लक्ष्य की प्राप्ति करने में चंडीगढ़ व्यापार मंडल और चंडीगढ़ चैंबर आफ कामर्स व इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का भी अहम रोल है, जिन्होंने डिपार्टमेंट के साथ मिलकर अभियान को सफल बनाया।
डिफाल्टरों को दी गई चेतावनी
इस मौके पर यूटी के आबकारी व कराधान विभाग के डिप्टी कमिश्नर आरके चौधरी ने जीएसटी डिफाल्टरों को चेतावनी भी दी। उन्होंने बताया कि सैलून एमएस हेडमास्टर्स जैसे कई प्राइवेट लिमिटेड नियमित रूप से रिटर्न फाइल नहीं कर रहे हैं।
ऐसे लोगों से सख्ती से निपटने की योजना बनाई गई है। यदि ये लोग समय पर टैक्स नहीं भरते हैं तो उनके जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिए जाएंगे।