मल्टी आर्ट कल्चरल के सहयोग से ‘लीलो चमन’ हरियाणवी सांग का मंचन सेक्टर-16 स्थित पंजाब कला भवन रंधावा ऑडिटोरियम में किया गया। सांग में गायन, वादन और नृत्य शामिल होते हैं। इसके लेखक धनपत सांगी थे।
हरियाणा के मशहूर सांगी जियालाल के पुत्र डॉ. हरजिंदर इसके मुख्य सांगी थे। इस सांग में लीलो चमन की ऐतिहासिक प्रेम कहानी को प्रस्तुत किया गया। इसमें प्रेम का अर्थ और उसके लिए त्याग और संघर्ष की कहानी बयां की गई है।
इसके अलावा शराब के नशे से दूर रहने और मेहनत के साथ सदमार्ग के रास्ते पर चलने का संदेश दिया गया।