हरियाणा की छह जूनियर महिला पहलवानों ने पहली बार कैडेट वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत को ट्राफी दिलवाई है। इस प्रतियोगिता में भारत को रनरअप ट्रॉफी का खिताब मिला है। वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत की झोली में छह मेडल आए हैं। सभी मेडल हरियाणा की पहलवानों ने जीते हैं। मेडल जीतने वाली पहलवानों में दो करनाल, दो जींद, एक सोनीपत और एक रोहतक की रहने वाली है। एक ने सिल्वर और पांच ने ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।
बता दें कि क्रोएशिया में 2 जुलाई को कैडेट वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप शुरू हुई थी, जो कि 8 जुलाई तक चलेगी। चैंपियनशिप खत्म होने से एक दिन पहले ही भारत की जूनियर महिला पहलवानों ने इतिहास रच दिया। भारतीय कुश्ती संघ के जनरल सेक्रेटरी विनोद तोमर का कहना है कि कैडेट वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में देश को दूसरा स्थान मिलना कुश्ती के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे महिला कुश्ती की भविष्य की तस्वीर बेहतर दिखती है।
इन बेटियों ने किया कमाल
हिसार की स्वीटी मलिक ने 40 किलो में ब्रॉन्ज, करनाल की संजू देवी ने 46 किलो भार वर्ग में ब्रॉन्ज, जींद की मीनाक्षी ने 53 किलो में सिल्वर, जींद की अंशु मलिक ने 61 किलो में ब्रॉन्ज, सोनीपत की सोनम ने 65 किलो में ब्रॉन्ज, हिसार की सोनिका हुड्डा ने 69 किलो में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। जबकि 43, 49, 57 और 73 किलो भार वर्ग में देश को मेडल नहीं मिल सका।