हरियाणा के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में देर शाम बुलाई गई इस बैठक में कृषि विभाग के अलावा, राजस्व और वित्त विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। सरकार के इस फैसले का लाभ पांच एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को होगा।
प्रदेश में करीब 90 हजार ऐसे किसान इस दायरे में आएंगे जो कि पांच एकड़ से कम की खेती करते हैं। सरकार के पास सभी किसानों की जमीन और बैंक खातों की जानकारी है।
हरियाणा में कम है पराली जलाने के मामले
जानकारी के मुताबिक हरियाणा में एक दिन पहले 180 पराली जलाने के मामले आए थे। जबकि पंजाब में यह संख्या हजारों में है। हरियाणा में सरकार का दावा है कि आज के दिन सिर्फ दो मामले सामने आए हैं। सरकार ने प्रशासनिक सचिवों को जिलों की मानिटरिंग का जिम्मा दिया है। यह अधिकारी पराली से संबंधित सरकारी योजनाओं की निगरानी करेंगे।