हरियाणा के नौ जिलों में भले ही औसत से अधिक बारिश हुई है लेकिन प्रदेश में अब तक छह फीसदी से कम बारिश हुई है। सात जिलों में जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो सूखे की नौबत आ सकती है। इन जिलों में खरीफ की फसल को नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में एक जून से 8 सितंबर तक 373.1 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में 395.7 एमएम औसत बारिश होती है। हिसार समेत 12 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य से कम बारिश हुई है।
पंचकूला में 62 प्रतिशत कम हुई बारिश
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खिचड़ ने बताया कि प्रदेश में 12 जिलों में कम बारिश हुई। पंचकूला में 62 प्रतिशत, रोहतक में 52, भिवानी में 40, महेंद्रगढ़ में 31, रेवाडी में 20, अंबाला में 28, जींद में 19, हिसार में 13, पानीपत में 13, पलवल में 14, यमुनानगर में 11 और सोनीपत में एक प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा बाकी जिलों में मानसून की बारिश सामान्य या इससे अधिक दर्ज की गई। सिरसा में 61, कैथल में 51 और करनाल में 47 फीसदी अधिक बारिश हुई है।
13 सितंबर तक परिवर्तनशील रहेगा मौसम
प्रदेश में 3 सितंबर से मानसून की सक्रियता बनी हुई है और अब मानसून की टर्फ रेखा हिमालय की तलहटियों की तरफ बढ़ने की संभावना है। इसके चलते मानसून की सक्रियता प्रदेश में अगले चार-पांच दिनों में थोड़ी कम होने की संभावना है। इससे 13 सितंबर तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने व बीचबीच मे आंशिक बादल छाए रहने और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में कुछ-एक स्थानों पर गरज-चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश भी हो सकती है।
सताने लगी गर्मी
अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने लगी है। भिवानी में अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में तेज धूप रही। हालांकि हवा में ठंडक है लेकिन कड़ी धूप के कारण लोगों को तेज गर्मी का अहसास हो रहा है।