हरियाणा में प्रचंड गर्मी को देखते हुए एक तरफ जहां सरकारी स्कूलों में छुट्टियां घोषित की गई हैं, वहीं हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद ने स्कूलों में सात दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का शेड्यल जारी किया है।
पांच से 11 जून तक इको क्लब के माध्यम से आयोजित होने वाले इन शिविरों में प्रत्येक दिन अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी। अध्यापकों का पहुंचना अनिवार्य है, जबकि विद्यार्थियों के शिविरों में हिस्सा लेने के लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी है। उधर, हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन ने इस पर आपत्ति जताई है।
इस संबंध में परिषद की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला शिक्षा परियोजना परिषद व खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी करके निर्देश दिए गए हैं। छात्रों की सुरक्षा और विशेष रूप से छात्रों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए विद्यालय मुखिया के लिए हिदायतें दी गई हैं। गतिविधियों का आयोजन सुबह 7 बजे से 11 बजे तक किया जा सकता है। प्रकृति भ्रमण जैसी गतिविधियां प्रतिदिन सुबह 9 बजे से पहले पूरी की जा सकती हैं।
विद्यालय परिसर में और बाहरी गतिविधियों के दौरान फर्स्ट एड किट, ओआरएस और साफ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की होनी चाहिए। अभिभावक शिक्षक संघ (एसएमसी) के सदस्य और स्थानीय समुदाय सदस्य भी शिविर में शामिल हो सकते हैं। विद्यार्थियों को अपने खाली समय का सदुपयोग करके व्यर्थ के समय का सर्वोत्तम उपयोग करने का अवसर दिया जा सकता है।
वहीं, संबंधित जिला कार्यक्रम समन्वयक द्वारा जिलावार संकलित दैनिक गतिविधि रिपोर्ट प्रतिदिन गूगल सीट पर अपलोड करनी होगी, ताकि उसे उसी दिन गूगल ट्रैकर के माध्यम से भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय को उपलब्ध कराया जा सके। पत्र में कहा गया है कि जिला एवं ब्लॉक प्राधिकारी ग्रीष्मकालीन शिविर का दौरा करेंगे और विद्यालय प्राचार्य इस शिविर के संपूर्ण प्रभारी होंगे तथा इसके सुचारू संचालन के लिए जिम्मेदार होंगे।
शिविर के 7 दिन निम्न विषयों पर होंगे आधारित
-स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
-टिकाऊ खाद्य प्रणाली अपनाएं
-इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट को कम करना
-कूड़ा कम करना
-ऊर्जा बचाओ
-पानी बचाओ
-एकल उपयोग प्लास्टिक को ना कहें
शिविर लगाना छात्रों के स्वास्थ्य के साथ होगा खिलवाड़ : सतपाल सिंधु
हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु का कहना है कि इस भयंकर गर्मी में शिविर का आयोजन किसी भी सूरत में ठीक नहीं है और यह छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। यदि गर्मी के कारण किसी छात्र के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। एक तरफ गर्मी के चलते समय से पहले स्कूलों में छुट्टी की गई हैं, वहीं अब स्कूलों में कैंप लगाने के आदेश दिए गए हैं। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में भी गर्मी के चलते ऐसे कैंपों को स्थगित किया गया है, इसलिए हरियाणा में भी शिक्षा विभाग को इसे स्थगित कर देना चाहिए। सोमवार को हसला इस बारे में अधिकारियों से चंडीगढ़ में मुलाकात करेगा।