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Haryana election result: न भाजपा से प्यार, न कांग्रेस स्वीकार, जजपा और निर्दलीय तय करेंगे सरकार

Fri, 25 Oct 2019 09:09 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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haryana Assembly elections - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के मतदाताओं ने इस बार सभी राजनैतिक दलों को सत्ता के भंवर में फंसा दिया है। सूबे में पांच साल तक बहुमत में काम करने वाली भाजपा सरकार को जनता जनार्दन ने पूर्ण बहुमत से दूर रखा है। जबकि कांग्रेस को पिछले विधानसभा चुनाव की अपेक्षा इस बार दोगुने ग्राफ तक पहुंचा दिया है। राज्य में जजपा और निर्दलीय विधायक किंगमेकर की भूमिका में हैं। इनके बिना सरकार बनानी मुश्किल होगी।

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सत्ता की सीढ़ियां चढ़ने को तैयार खड़ी 75 पार का सपना देख रही भारतीय जनता पार्टी 40 के आंकड़े पर सिमट गई है। हालांकि वह सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। पिछली सरकार में भाजपा ने 47 सीटों के साथ बहुमत की सरकार बनाई थी, लेकिन इस बार पार्टी बहुमत में रहने वंचित रह गई है। अब सभी मुख्य दलों में अधिकतम सीटें हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। इसके लिए जोड़-तोड़ का खेल शुरू हो गया है।

उधर, पिछले विधानसभा चुनाव में 15 सीटों पर सिमटने वाली कांग्रेस को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में दोबारा खड़े होने का मौका मिल गया। कांग्रेस 15 सीटों से 30 के आंकड़े पर पहुंच गई है। जबकि ताऊ देवीलाल की विरासत संजोने में उनके पौत्र दुष्यंत चौटाला आगे रहे हैं। अपने चाचा अभय सिंह चौटाला को पछाड़ कर दुष्यंत चौटाला ने दस सीटों पर कब्जा जमा कर हरियाणा की राजनीति में अपनी धाक जमा दी है। 

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11 माह पहले गठित हुई इस पार्टी के बाद दुष्यंत ने पहले विधानसभा चुनाव में दहाई का आंकड़ा छू लिया है। हरियाणा लोकहित पार्टी ने भी सिरसा सीट पर गोपाल कांडा को जितवा कर खाता खेाल दिया है।

हरियाणा की नब्बे सीटों पर चुनाव लड़ने के बाद बहुजन समाज पार्टी एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी। इसके अलावा कोई अन्य दल विधानसभा चुनाव में अपना खाता नहीं खोल पाया है। राजकुमार सैनी भी गोहाना से चुनाव हार गए हैं।

जनता ने कांग्रेस को स्वीकार किया है। भाजपा का 75 पार का दावा हवा हवाई था। जिसकी हवा निकल गई है। पांच साल हरियाणा में सरकार ने कोई काम नहीं किया। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा

जनता का बहुत-बहुत आभार जो उन्होंने हमें कम समय में इतना प्यार दिया है। हम अपनी पार्टी के सभी वरिष्ठ लोगों से सोच विचार के बाद ही किसी निर्णय पर पहुंचेंगे। दुष्यंत चौटाला, जजपा नेता

     2014 विधानससभा चुनाव
भाजपा 47
इनेलो  19
कांग्रेस 15
हजकां 02
बसपा 01
अकाली 01
निर्दलीय 05
 
   2019 विधानसभा चुनाव
भाजपा 40
कांग्रेस 30
जेजेपी 10
अन्य  08
इनेलो  01
हलोपा 01
अकाली  00
बसपा 00

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भारतीय जनता पार्टी को फिर से सर्वाधिक विधानसभा क्षेत्रों में जिताने तथा वर्ष 2014 के चुनावों से भी अधिक प्रतिशत वोट देने के लिए हरियाणा की जनता का धन्यवाद किया है। यहां जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पिछले पांच वर्षों में भाजपा की वर्तमान सरकार ने हरियाणा की जनता की पूरी कर्मठता से सेवा की।

इस कार्य में सभी वर्गों द्वारा भाजपा सरकार को पूरा समर्थन और सहयोग देने के लिए भी उन्होंने हरियाणा की जनता का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही भाजपा एक बार फिर से हरियाणा में सरकार बनाएगी और प्रदेश में एक ईमानदार एवं जवाबदेह सरकार के माध्यम से जनसेवा के कार्य में और भी तेजी लाएगी। उन्होंने कहा कि सबका साथ व सबका विकास के मूलमंत्र पर चलते हुए एक सशक्त एवं समृद्ध हरियाणा बनाने के कार्य को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा। 
            
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हरियाणा में 1982 और 2009 की स्थिति

हरियाणा में चुनाव नतीजों के बाद वर्ष 1982 और 2009 में हुए चुनावों के बाद उत्पन्न हुई स्थिति जैसे हालत बन गए हैं। 1982 में कांग्रेस को 90 में से 36, देवीलाल की लोकदल और भाजपा को 31 और 6 सीटें मिली थीं, जबकि 16 निर्दलीय जीते थे। उस समय जनता पार्टी को वर्ष 1980 में छोड़कर कांग्रेस में आए भजन लाल ने कूटनीति का परिचय देते हुए कांग्रेस की सरकार बना ली थी, हालांकि इसके पांच वर्ष बाद 1987 में हुए चुनवाओ में कांग्रेस की शर्मनाक हार हुई और उसे मात्र 90 में से 5 सीटें मिली। 

इसी प्रकार 2009 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 40, चौटाला की लोकदल को 31, कुलदीप बिश्नोई की हजकां को 6 सीटें मिली थी, जबकि 7 निर्दलीय जीते थे। उस समय भूपिंद्र हुड्डा ने ने हजकां के 5 विधायकों को अपने पाले में कर और सातों निर्दलीयों को साथ लेकर सरकार बनाई थी। हुड्डा लगातार दूसरी बार सीएम बने थे। हालांकि इसके पांच वर्ष बाद अक्टूबर, 2014 में हुए चुनाव में केवल 15 सीटें मिली थी।

सबसे अधिक अंतर से जीत
 
प्रत्याशी विधानसभा जीत का अंतर
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा गढ़ी सांपला किलोई 58312 मत
सीएम मनोहर लाल करनाल   45188 मत
मूल चंद शर्मा बल्लभगढ़   41713 मत

बसे कम अंतर से जीत
  • गोपाल कांडा  सिरसा             602 मत
  • मोहम्मद इलियास पुन्हाना    816 मत
  • सुभाषा सुधा थानेसर             842 मत 
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