चंडीगढ़। पंचकूला से नाले से आ रहे सीवर के पानी को रोकने के लिए नगर निगम ने हरियाणा के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फिर से पत्र लिखा है। पत्र में अधिकारियों ने कहा है कि यह सीवर का पानी न केवल सुखना चो बल्कि घग्गर नदी को भी प्रदूषित कर रहा है। यह पानी जल्द नहीं रोका गया तो नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की बैठक में जबाव देना मुश्किल होगा।
कमिश्नर केके यादव ने बताया कि एनजीटी की ओर से हमेशा ध्यान दिया जाता है कि सुखना चो या एन चो में गंदा पानी तो नहीं पहुंच रहा। इसके लिए समय-समय पर जस्टिस प्रीतमपाल की कमेटी निरीक्षण भी करती रहती है। हालांकि, इस बार निगम की कमेटी ने काफी सराहना की थी। इसके बाद निरीक्षण में पता चला कि कहीं से सुखना चो में गंदा पानी आ रहा है।
कुछ समय पहले चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह की निगरानी में एक टीम ने सभी मुख्य स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि पंचकूला के मनसा देवी कांप्लेक्स से होते हुए चंडीगढ़ के शिवालिक एनक्लेव में एक नाले से पानी आ रहा है, जिसमें बिना ट्रीट किए ही पानी छोड़ा जा रहा है। यह नाला सुखना चो के साथ ही सीधा घग्गर नदी में मिलता है। इससे सुखना चो और घग्गर में गंदगी पहुंच रही है।
हरियाणा के पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को पत्र लिखकर इससे अवगत कराया गया था, लेकिन जब पानी नहीं रुका तो इस संबंध में फिर से बोर्ड को पत्र लिखा है। इस बार भी कहा गया है कि जल्द इसका निराकरण कर सीवर के पानी को चंडीगढ़ में आने से रोका जाए अन्यथा एनजीटी कमेटी की बैठक में दोबारा गंदे पानी का मुद्दा उठेगा और जबाव देना मुश्किल होगा। ज्ञात रहे कि पिछली बैठकों में निगम को सुखना चो व एन चो में गंदा पानी जाने के कारण कई बार फटकार लग चुकी है।