लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पहली बार हरियाणा की अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गठित करने के पक्ष में खुलकर आने से हरियाणा के सिख उत्साहित हैं।
अब उद्योग मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने भी अलग कमेटी का समर्थन कर दिया है। उन्हें आगामी छह जुलाई को होने वाले सिख सम्मेलन में भी आमंत्रित किया गया है।
अब तक हरियाणा सरकार चट्ठा कमेटी की रिपोर्ट पर कानूनी राय का इंतजार कर रही थी, वह भी जल्द मिल सकती है। एडवोकेट जनरल हवा सिंह हुड्डा की अध्यक्षता वाली कमेटी जल्द ही कानूनी राय दे सकती है।
कैप्टन के समर्थन से उत्साहित हैं सिख
हरियाणा सिख गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी (एडहॉक) के अध्यक्ष रहे जगदीश झींडा ने सोमवार को अमर उजाला के साथ बात करते हुए कहा, ‘कैप्टन अमरिंदर सिंह बहुत सुलझे हुए नेता हैं। उन्होंने पहली बार खुलकर हमारी अलग कमेटी का समर्थन किया है।
उनके समर्थन से हरियाणा के सिख उत्साहित हैं और इसके लिए उनके आभारी हैं। उनके बयान से यह भी साफ हो गया है कि हरियाणा की अलग कमेटी गठित करने में कोई अड़चन नहीं है।
अड़चन सिर्फ पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल डाल रहे हैं। अब कैप्टन अमरिंदर सिंह की तर्ज पर सरदार प्रकाश सिंह बादल को भी हरियाणा के सिखों की इस पुरानी मांग का समर्थन करना चाहिए।
गलत है पंजाब सीएम का बयान
झींडा ने पंजाब के सीएम के उस बयान को गलत बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस हरियाणा के सिखों को बांट रही है। उन्होंने कहा कि वास्तव में सिखों को बांटने का काम तो खुद सरदार प्रकाश सिंह बादल ने किया था।
पंजाबी सूबे के नाम पर उन्होंने हरियाणा को अलग किया तो अब हरियाणा के सिखों की इस मांग को भी उन्हें पूरा करना चाहिए। हरियाणा के जो सिख अलग कमेटी का विरोध कर रहे हैं, वे पंजाब के मुख्यमंत्री के इशारे पर कर रहे हैं।
हरियाणा के सिख अपने गुरुद्वारों का प्रबंध करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री हरियाणा के लिए सब कमेटी भी नहीं देना चाहते जबकि हरियाणा कांग्रेस पूरी कमेटी देना चाहती है।
रणदीप सुरजेवाला ने भी किया समर्थन
झींडा ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री रणदीप सुरजेवाला ने भी उनकी मांग का समर्थन किया है। कैथल में छह जुलाई को हो रहे सिख सम्मेलन में आमंत्रित करने के लिए गत रविवार को उनसे मिले थे।
झींडा ने कहा कि सुरजेवाला ने अलग कमेटी का समर्थन करते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भी मांग पूरी करने का आग्रह करेंगे। झींडा ने कहा कि सिख सम्मेलन में वे मुुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के सामने अलग कमेटी की मांग रखेंगे।
वित्त मंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे और रणदीप सुरजेवाला विशेष मेहमान रहेंगे। उधर, हरियाणा के एडवोकेट जनरल हवा सिंह हुड्डा ने अमर उजाला को बताया कि उनकी अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी कानूनी राय देने के लिए जल्द बैठक आयोजित करेगी।
बादल साहब, एसजीपीसी से कब्जा छोड़ो
हरियाणा विधानसभा में तत्कालीन कांग्रेस विधायक निर्मल सिंह के हरियाणा में अलग सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गठित करने के गैर सरकारी प्रस्ताव का समर्थन करते हुए तत्कालीन वित्त मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने 15 मार्च, 2007 को हरियाणा विधानसभा में कहा था, मैं तो बादल साहब (पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल) को यह कहता हूं कि जब आप पानी की एक भी बूंद हरियाणा को नहीं जाने देने की बात करते हैं, तो धर्म की ठेकेदारी क्यों करते हो, सिर्फ राजनीति करो और एसजीपीसी से कब्जा छोड़ो।
एसपीजीसी को धर्म के आधार पर चलने दो। यदि आप ऐसा करते हो तो आपको एसजीपीसी का सिख बताएगा कि क्या हरियाणा के अंदर सिख भाई नहीं बसते, जिन पर आप इस तरह से जुर्म करते हो। हमारी सरकार सिख भाइयों की धार्मिक जरूरतों को उनकी सामाजिक नीतियों का सम्मान करती है।
यह जो प्रस्ताव निर्मल सिंह लेकर आए हैं, वह हमारे चुनावी घोषणा पत्र के वादों में से एक था कि सिखों का जो हक है, अगर हमारी सरकार सत्ता में आई तो हम उनको उनका हक दिलवाएंगे। इसलिए मैं निर्मल सिंह के प्रस्ताव का समर्थन करता हूं।’