चंडीगढ़। दो साल पहले हरियाणा में हुआ छात्रवृत्ति घोटाला पंजाब विश्वविद्यालय के गले पड़ गया। ईडी ने पीयू से हरियाणा के सभी छात्रों का रिकॉर्ड मांगा है। तीन माह से पीयू इसमें जुटी हुई है, लेकिन डाटा नहीं मिल पा रहा। अब 78 विभागाध्यक्षों को इस कार्य में लगाया गया है। सूत्रों का कहना है कि ईडी की ओर से जो जानकारी मांगी गई है, वह पीयू के पास पूरी नहीं है। ऐसे में पीयू पर भी इसकी आंच आ सकती है।
जानकारी के अनुसार हरियाणा में अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के रैकेट ने छात्र-छात्राओं के आधार नंबर बदलकर छात्रवृत्ति घोटाले को अंजाम दिया था। विभाग की चार सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के महानिदेशक संजीव वर्मा ने पांच कर्मचारियों को निलंबित करते हुए दो अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की विजिलेंस जांच की सिफारिश की थी। इस बारे में जांच भी चल रही है। बताया जाता है कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में हरियाणा में पिछले तीन साल में 236 करोड़ रुपये जारी हुए हैं।
केंद्र की है योजना, इसलिए ईडी कर रहा जांच
सूत्रों के मुताबिक पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति केंद्र की योजना है। ऐसे में हरियाणा में जैसे ही घोटाला सामने आया, तो उसके बाद इस प्रकरण को ईडी को सौंपा गया। उसी के आधार पर ईडी छात्रों का डाटा जुटा रहा है। पीयू में हरियाणा के हजारों छात्र पढ़ते हैं। इनमें एससी-एसटी, ओबीसी के छात्र काफी संख्या में हैं। ईडी ने पीयू से पिछले तीन साल का रिकॉर्ड मांगा है। कहा है कि किन-किन छात्रों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया और कितना भुगतान हुआ। इसके अलावा छात्रों की अंकतालिका का रिकॉर्ड भी दें। पास या फेल हुए हैं, यह भी बताना होगा।
पीयू में हड़कंप, विभागाध्यक्षों को लगाया गया
पीयू को ईडी का पत्र लगभग तीन माह पहले मिला है, लेकिन अब तक यह रिकॉर्ड नहीं जुटाया जा सका। अब वीसी ने इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक की। सभी से कहा है कि वे रिकॉर्ड जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं। सूत्रों का कहना है कि पीयू के पास पूरा डाटा मिलना मुश्किल है, क्योंकि ईडी को दस्तावेजों की फोटोकॉपी भी देनी होगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
ईडी की ओर से मांगी गई जानकारियां जुटाई जा रही हैं। सभी विभागाध्यक्षों से रिकॉर्ड मांगा गया है। साथ ही एससी-एसटी सेल को भी इस कार्य में लगाया गया है। -प्रो. वीआर सिन्हा, डीयूआई पीयू