मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के मुख्ययमंत्री
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि प्रदेश में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा की न्यायिक जांच का विकल्प खुला है। हालांकि, घटनाओं की निष्पक्ष जांच के लिए सरकार ने कई जांच कमेटियों का पहले ही गठन कर दिया गया है।
हैपनिंग हरियाणा समिट की उपलब्धियों को लेकर बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए सीएम खट्टर ने कहा कि यूपी के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है, जो पूरी गंभीरता के साथ अपना कार्य कर रही है। इसके बावजूद भी अगर किसी तरह की जांच की आवश्यकता हुई तो हमारे सामने सारे विकल्प खुले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जो जांच कमेटी बैठाई है, उसमें बाहर के लोग ही जांच कर रहे हैं, फिर भी अगर आवश्यकता हुई तो हमारे समक्ष सभी विकल्प खुले हैं।
आंदोलन से उपजे हालात के समिट पर असर के बारे में पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल की घटनाओं के बाद इस समिट के आयोजन को लेकर संशय की स्थिति थी और विपक्ष के लोग भी इसे लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे थे, लेकिन हरियाणा कर्म और गीता की भूमि है। हमें भी इससे प्रेरणा मिली। हमने इस समिट के आयोजन का निर्णय लिया और इसकी अभूतपूर्व सफलता से ऐसे लोगों का मुंह बंद हो गया है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि भाजपा में कद बढ़ने या घटने जैसी कोई बात नहीं होती। हम जनता-जनार्दन में विश्वास रखते हैं और हमारा कद भी जनता ही तय करती है।
वीरेंद्र सिंह को पकड़ने में हुड्डा मदद करें : खट्टर
विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के संबंध में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी को कोई रास्ता नहीं मिलता तो वह बौखलाहट में इस तरह की भाषा बोलता है। उन्होंने कहा कि प्रो. वीरेंद्र को गिरफ्तार करने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है और उन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहयोग करें तो यह काम जल्दी हो जाएगा।