हरियाणा परिवहन विभाग और रोडवेज कर्मचारियों के बीच एक बार फिर तलवारें खिंच गई हैं। बुधवार को कर्मचारी नए सिरे से निर्णायक आंदोलन छेड़ने का एलान करेंगे। इसे लेकर कर्मचारी तालमेल कमेटी ने रोहतक में बैठक बुलाई है। 14 सदस्यीय कमेटी बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद आंदोलन की घोषणा करेगी। कर्मचारियों में रात्रि ठहराव व ग्रामीण इलाकों में रात में बस सेवा बंद होने, 365 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने और किलोमीटर स्कीम को लेकर काफी आक्रोश है।
तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य बलवान सिंह दोदवा ने बताया कि सरकार ने 365 चालकों की सेवा समाप्ति व ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि ठहराव बंद कर कर्मचारी व जनविरोधी फैसला लिया है। इससे जनता, कर्मचारी व छात्र-छात्राओं को भारी परेशानी हो रही है। जनविरोधी फैसलों का खामियाजा सरकार को आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा। दोदवा ने कहा कि रोडवेज को सरकार नहीं, अधिकारी चला रहे हैं।
सरकार यहां तक कि विभाग के मंत्री की भी उच्च अधिकारी नहीं सुनते। सरकार ने कर्मचारी व जन विरोधी फैसलों पर तुरंत रोक नहीं लगाई तो बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। रोडवेज कर्मचारियों के आंदोलन की सारी जिम्मेदारी सरकार व परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों की होगी।