रोडवेज बसों में टिकट काटने वाले पांच सौ कंडक्टरों के हाथों में अब किताब होगी। ऐसा करके बीजेपी सरकार ने एक तीर से दो निशाने लगाए हैं। अब कंडक्टर नौनिहालों को क, ख, ग पढ़ाकर समाज निर्माण करेंगे। इनके माथे से बदतमीजी का दाग भी धुल जाएगा और गुरु के रुतबे से परिचित भी हो जाएंगे। चयनित होने के लगभग 33 माह बाद इन्हें सरकारी स्कूलों में ज्वाइनिंग मिलने जा रही है।
पूर्व हुड्डा सरकार में जेबीटी बनने के बाद नियुक्ति न मिलने पर ये रोडवेज में कंडक्टर भर्ती हो गए थे, लेकिन तमाम बाधाओं का सामना करने के बाद अब स्कूलों में ड्यूटी बजाएंगे। परिवहन विभाग ने इनमें से अधिकांश को रिलीव कर दिया है और बसों की रफ्तार लगातार बनाए रखने के लिए 500 नए कंडक्टरों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विभाग नए कंडक्टरों को एडहॉक आधार पर भर्ती करेगा।
परिवहन मंत्री ने सीएम से सैद्धांतिक मंजूरी ले ली
परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने सीएम मनोहर लाल से सैद्धांतिक मंजूरी ले ली है। अब विभाग के महानिदेशक और एसीएस के जरिए भर्ती की स्वीकृति के लिए सीएम को फाइल भेजी जा रही है। परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि इसके अलावा 1500 चालक भी एडहॉक पर ही भर्ती किए जाएंगे। इनकी भर्ती को सरकार मंजूरी दे चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट की गाइलाइन से कुछ अड़चन आ रही थी, जिन्हें क्लीयर किया जा रहा है। जल्द ही चालक-परिचालक भर्ती कर लिए जाएंगे। विभाग में पहले से इनकी कमी है। इसलिए सरकार नहीं चाहती कि स्टाफ की कमी से बसों के पहिए थमें। उन्होंने बताया कि 930 कर्मशाला कर्मियों की भर्ती के लिए कर्मचारी चयन आयोग को पत्र भेजा जा चुका है।